अहमदाबाद में खाद्य सुरक्षा पर बड़ी कार्रवाई, जून में 46 सैंपल फेल, 10 लाख से ज़्यादा का जुर्माना
अहमदाबाद में खाद्य सुरक्षा को लेकर जून महीने में बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें 700 से ज़्यादा खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए और लगभग 1900 दुकानों की जांच की गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक,
अहमदाबाद में खाद्य सुरक्षा को लेकर जून महीने में बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें 700 से ज़्यादा खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए और लगभग 1900 दुकानों की जांच की गई। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अभियान के दौरान अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 10 लाख रुपए से ज़्यादा का प्रशासनिक शुल्क भी वसूला।
एएमसी के खाद्य विभाग द्वारा 1 से 30 जून तक चले इस अभियान में कुल 1,877 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान ठंडे पेय, जूस, दूध उत्पाद, मिठाइयां, बेकरी आइटम, मसाले और अनाज समेत विभिन्न खाद्य पदार्थों के 709 सैंपल इकट्ठा किए गए। जांच में इनमें से 46 सैंपल खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत तय मानकों पर खरे नहीं उतरे।
जांच के नतीजे और कार्रवाई
विभाग ने बताया कि फेल हुए 46 सैंपल में से दो को 'असुरक्षित' श्रेणी में रखा गया है और संबंधित कारोबारियों के खिलाफ अदालत में मामला दर्ज किया जाएगा। बाकी 44 सैंपल को घटिया गुणवत्ता का पाया गया, जिनके संचालकों पर निर्णायक अधिकारी के समक्ष कार्रवाई होगी।
इस कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन न करने पर 545 कारोबारियों को नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा, अधिकारियों ने लगभग 2,748 किलोग्राम ठोस और 1,269 लीटर तरल अस्वच्छ खाद्य सामग्री को नष्ट भी किया।
चार दुकानें सील
निगम ने गंभीर अनियमितताओं के चलते चार दुकानों को सील भी कर दिया:
- मुन्ना चाइनीज एंड मुगलाई (मकतंपुरा): 3 जून को साफ-सफाई की कमी के कारण सील किया गया।
- एक कॉफी स्टैंड (नवरंगपुरा): 6 जून को रसोई में कीड़े मिलने और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर सील हुआ।
- श्री मतांगी डेयरी एंड फूड प्रोडक्ट्स (काठवाड़ा): 10 जून को बिना लाइसेंस और गंदगी के कारण सील किया गया।
- श्री वृष्टि ट्रेडिंग (काठवाड़ा): 20 जून को बिना लाइसेंस और अस्वच्छता के चलते सील कर दिया गया।
स्ट्रीट वेंडर्स के लिए QR कोड फीडबैक
शहर में स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए निगम ने एक खास पहल की है। इसके तहत पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर्स के लिए QR कोड आधारित पब्लिक फीडबैक सिस्टम लागू किया गया है। शहर के 10,000 से ज़्यादा वेंडर इस प्रणाली में पंजीकृत हैं। ग्राहक QR कोड स्कैन करके स्वच्छता और सफाई पर अपनी राय दे सकते हैं, जिसके आधार पर वेंडर्स की निगरानी और सुधार किया जाता है।
इस फीडबैक के आधार पर अब तक पांच वेंडरों को सबसे अच्छी रेटिंग मिली है, जिनमें सरदारनगर की फेसबुक पानीपुरी, शाहीबाग का अग्रवाल कचोरी सेंटर, रामोल का कृष्णा पकोड़ी सेंटर, वटवा का टेस्ट ऑफ साउथ और खोखरा का जय किशन पकोड़ी सेंटर शामिल हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सभी पंजीकृत वेंडरों को QR कोड लगाना अनिवार्य है और ऐसा न करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
इनपुट: IANS



