मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री को रफ़्तार: PLI और पार्क योजनाओं के तहत सरकार ने जारी किए करोड़ों रुपए
भारत में मेडिकल उपकरणों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने कई अहम योजनाओं के तहत करोड़ों रुपए जारी किए हैं। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार…
भारत में मेडिकल उपकरणों के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने कई अहम योजनाओं के तहत करोड़ों रुपए जारी किए हैं। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने लोकसभा में बताया कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य देश में ही उच्च-स्तरीय और सटीक मेडिकल डिवाइस का निर्माण करना है।
सरकार की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना इस दिशा में एक बड़ा कदम है। इस योजना के अंतर्गत वित्त वर्ष 2024-25 तक कंपनियों को 266.64 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा चुकी है। वहीं, एक अन्य महत्वपूर्ण योजना, मेडिकल डिवाइस पार्क के विकास के लिए अब तक 209.80 करोड़ रुपए वितरित किए गए हैं, जिसमें से 177.98 करोड़ रुपए का उपयोग भी हो चुका है।
क्या है PLI योजना का मकसद?
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के मुताबिक, मेडिकल डिवाइस पीएलआई योजना का कुल बजट 3,420 करोड़ रुपए है। इस योजना का लक्ष्य कंपनियों को भारत में उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके तहत चार प्रमुख श्रेणियों में बिक्री बढ़ने पर प्रोत्साहन दिया जाता है। इन श्रेणियों में कैंसर देखभाल, रेडियोलॉजी, एनेस्थेटिक्स, कार्डियो-रेस्पिरेटरी उपकरण और इम्प्लांट्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
इस योजना के तहत अब तक 27 आवेदनों को मंजूरी दी गई है, जिनमें 14 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) भी शामिल हैं। इन कंपनियों ने कुल 1,153.07 करोड़ रुपए का वास्तविक निवेश किया है। इसके परिणामस्वरूप देश में एमआरआई, सीटी स्कैनर, मैमोग्राफी सिस्टम, हार्ट वाल्व और स्टेंट जैसे जटिल उपकरणों का उत्पादन शुरू हो गया है।
मेडिकल डिवाइस पार्क और अन्य योजनाएँ
देश में मेडिकल डिवाइस के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम बनाने के लिए सरकार मेडिकल डिवाइस पार्क योजना भी चला रही है, जिसका कुल परिव्यय 300 करोड़ रुपए है। इसके तहत साझा बुनियादी ढाँचे, जैसे- टेस्टिंग लैब, स्टरलाइजेशन यूनिट और वेयरहाउस बनाने के लिए वित्तीय मदद दी जाती है। केंद्र सरकार हर पार्क के लिए अधिकतम 100 करोड़ रुपए की सहायता देती है। फिलहाल, उत्तर प्रदेश के नोएडा, मध्य प्रदेश के उज्जैन और तमिलनाडु के कांचीपुरम में तीन पार्कों का विकास कार्य चल रहा है।
इसके अलावा, मेडिकल डिवाइस उद्योग सुदृढ़ीकरण योजना (SMDI) के तहत भी अहम परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। जेपी नड्डा ने बताया कि आयात पर निर्भरता घटाने के लिए 101.50 करोड़ रुपए और क्लस्टरों में साझा सुविधाओं के लिए 88.67 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 20.62 करोड़ रुपए जारी भी कर दिए गए हैं।
इनपुट: IANS



