बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था मुश्किल में, भारत के साथ मज़बूत संबंध बन सकते हैं सहारा
आर्थिक मोर्चे पर कई चुनौतियों का सामना कर रहे बांग्लादेश के लिए भारत के साथ अच्छे रिश्ते एक बड़ी राहत लेकर आ सकते हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के विश्लेषण में यह बात सामने आई है, जिसमें देश…
आर्थिक मोर्चे पर कई चुनौतियों का सामना कर रहे बांग्लादेश के लिए भारत के साथ अच्छे रिश्ते एक बड़ी राहत लेकर आ सकते हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के विश्लेषण में यह बात सामने आई है, जिसमें देश की गिरती आर्थिक विकास दर, बढ़ती महंगाई और घटते आयात जैसे गंभीर मुद्दों पर प्रकाश डाला गया है।
रिपोर्ट में इस बात का भी ज़िक्र है कि कैसे 2020-21 में आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं के बावजूद भारत से मिली मदद ने बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था को संभालने में अहम भूमिका निभाई थी। उस दौरान भारत ने आवश्यक वस्तुओं और औद्योगिक कच्चे माल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की थी।
अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति
बांग्लादेश की आर्थिक सेहत कई पैमानों पर नाजुक नज़र आ रही है। चटगांव बंदरगाह के आँकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 से 2024-25 के बीच पूंजीगत मशीनरी, चिकित्सा उपकरण और वाहनों जैसे भारी सामानों का आयात 45% तक गिर गया। यह 22.6 लाख टन से घटकर केवल 12.4 लाख टन रह गया, जो औद्योगिक गतिविधियों में सुस्ती का संकेत है।
इसके साथ ही, निजी क्षेत्र को दिए जाने वाले ऋण की वृद्धि दर में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी 2025 में यह दर 7.15% थी, जो जून 2026 में 33 साल के निचले स्तर 4.62% पर आ गई।
विकास दर और महंगाई के आँकड़े
विश्व बैंक के आँकड़ों का हवाला देते हुए रिपोर्ट बताती है कि कैलेंडर वर्ष 2022 में बांग्लादेश की जीडीपी वृद्धि दर 7.1% थी, जो शेख हसीना सरकार के अंतिम पूर्ण वर्ष में घटकर 5.8% रह गई। 2025 में यह दर और गिरकर 3.5% पर आ गई। एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने 2026 के लिए 3.7% की वृद्धि का अनुमान लगाया है, लेकिन रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि निजी ऋण में गिरावट के चलते वृद्धि दर 2025 के स्तर से भी नीचे जा सकती है।
महंगाई भी एक बड़ी चिंता बनी हुई है। देश में खुदरा महंगाई दर पिछले चार साल से लगातार 8% से ऊपर है। एडीबी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में औसत वार्षिक महंगाई 8.7% और 2026-27 में 9% रह सकती है।
भविष्य की राह
इन आर्थिक संकटों के बीच, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान नवंबर में भारत की यात्रा की योजना बना रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह दौरा मौजूदा हालात में उनके सबसे अच्छे फैसलों में से एक साबित हो सकता है। ऐसे समय में जब देश में कारखाने बंद हो रहे हैं और रोजगार के अवसर घट रहे हैं, भारत के साथ संबंधों को मज़बूत करना बांग्लादेश के लिए फायदेमंद हो सकता है।
इनपुट: IANS



