भोपाल: दीवाली से ठीक पहले नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल, त्योहार पर स्वच्छता और पानी का संकट
त्योहारों के मौसम में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल एक बड़े संकट का सामना कर रही है। नगर निगम के लगभग 15,000 कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे धनतेरस के दिन शहर की…
त्योहारों के मौसम में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल एक बड़े संकट का सामना कर रही है। नगर निगम के लगभग 15,000 कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे धनतेरस के दिन शहर की सड़कों और बाजारों में कचरे के अंबार लग गए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस हड़ताल के कारण शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है और अब पीने के पानी की आपूर्ति पर भी खतरा मंडरा रहा है।
शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन कचरा न उठने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। दीपावली के लिए घरों की सफाई करने वाले निवासी अब कचरा फेंकने के लिए जगह नहीं ढूंढ पा रहे हैं। कई इलाकों में डस्टबिन भर चुके हैं और कचरा सड़कों पर फैल रहा है। कुछ निवासियों का कहना है कि वे लगभग एक हफ्ते से कचरा गाड़ी का इंतजार कर रहे हैं, जिसके न आने पर कुछ लोगों ने आसपास की सफाई के लिए कचरे को जलाना शुरू कर दिया है।
कौन-कौन से विभाग हुए प्रभावित?
शुरुआत में यह हड़ताल केवल सफाई कर्मचारियों तक सीमित थी, लेकिन अब इसमें नगर निगम के अन्य विभाग भी शामिल हो गए हैं। हड़ताल में जल आपूर्ति, अग्निशमन, कंप्यूटर संचालन, बिजली, भवन निर्माण अनुमति, उद्यान विभाग और अतिक्रमण हटाओ दस्ते के कर्मचारी भी हिस्सा ले रहे हैं। नगर निगम के कुल 18,000 कर्मचारियों में से करीब 15,000 हड़ताल पर हैं, जिनमें 14,000 दैनिक वेतन भोगी और 1,000 आउटसोर्स कर्मचारी शामिल हैं।
क्या हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें?
हड़ताली कर्मचारियों की कई प्रमुख मांगें हैं। वे कम से कम 25,000 रुपये मासिक मानदेय, वेतन में संशोधन और अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, वे सरकारी कर्मचारी का दर्जा, अनुबंध प्रणाली का खात्मा और अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति चाहते हैं। यूनियन नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे मुख्यमंत्री मोहन यादव से सीधे बात करने के बाद ही कोई फैसला लेंगे।
प्रशासन की अपील और बातचीत का दौर
नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे त्योहारों को देखते हुए अपनी हड़ताल खत्म कर दें। उन्होंने कहा, "पूरे देश में लोग 'स्वच्छता मित्रों' का सम्मान करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद उनके पैर धोए थे। उनकी मांगों पर विचार-विमर्श के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।" वहीं, नगर आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने बताया कि यूनियन प्रतिनिधियों और शहरी प्रशासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के बीच बातचीत सार्थक रही है, लेकिन कर्मचारी ठोस आश्वासन के बिना काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं। इस बीच, भोपाल में त्योहार के दौरान 2.30 लाख से अधिक नल कनेक्शनों पर पानी की सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ गई है।
इनपुट: IANS



