मंगलवार, 11 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
शिक्षा

स्कूलों में बच्चों की सेहत से खिलवाड़ नहीं! FSSAI ने जंक फूड पर कड़े नियम का मसौदा पेश किया

स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कैंपस में बिकने वाले खाने-पीने के सामान के लिए नियमों को और सख्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम…

स्कूलों में बच्चों की सेहत से खिलवाड़ नहीं! FSSAI ने जंक फूड पर कड़े नियम का मसौदा पेश किया
(फोटो: IANS)

स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने कैंपस में बिकने वाले खाने-पीने के सामान के लिए नियमों को और सख्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। FSSAI ने ज्यादा वसा (फैट), चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थों की पहचान के लिए नई सीमाएं प्रस्तावित की हैं, ताकि बच्चों को अस्वास्थ्यकर खान-पान से बचाया जा सके।

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समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रस्ताव 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (स्कूलों में बच्चों के लिए सुरक्षित भोजन और संतुलित आहार) विनियम, 2020' में संशोधन के तौर पर लाया गया है। इसका आधार भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा जारी 'डायटरी गाइडलाइंस फॉर इंडियंस-2024' को बनाया गया है।

क्या हैं फैट, शुगर और नमक के नए मानक?

इस मसौदा अधिसूचना के तहत खाद्य पदार्थों को 'हाई फैट', 'हाई शुगर' और 'हाई सोडियम' के रूप में वर्गीकृत करने के लिए स्पष्ट मात्रात्मक मानक तय किए गए हैं।

वसा (Fat): कोई भी ठोस खाद्य पदार्थ जिसमें प्रति 100 ग्राम में 4.2 ग्राम से अधिक अतिरिक्त वसा हो, उसे 'हाई फैट' माना जाएगा। पेय पदार्थों (तरल) के लिए यह सीमा 1.5 ग्राम प्रति 100 मिलीलीटर रखी गई है।

चीनी (Sugar): ठोस खाद्य पदार्थों के लिए अतिरिक्त चीनी की सीमा 3 ग्राम प्रति 100 ग्राम प्रस्तावित है, जबकि तरल उत्पादों के लिए यह 2 ग्राम प्रति 100 मिलीलीटर होगी। इससे ज्यादा होने पर उन्हें 'हाई शुगर' श्रेणी में रखा जाएगा।

नमक (Sodium): यदि किसी ठोस खाद्य पदार्थ में प्रति 100 ग्राम में 0.625 ग्राम से अधिक नमक हो या तरल उत्पाद में प्रति 100 मिलीलीटर में 0.175 ग्राम से ज्यादा नमक पाया जाए, तो उसे 'हाई सोडियम' माना जाएगा।

सुझावों के बाद लागू होंगे नियम

FSSAI ने बताया है कि ये नए प्रावधान स्कूल परिसरों में खाद्य पदार्थों की निगरानी और निरीक्षण से जुड़े मौजूदा नियमों में जोड़े जाएंगे। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत तैयार इस मसौदे को केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति मिल चुकी है।

खाद्य नियामक ने इस प्रस्ताव पर आम जनता, स्कूलों, खाद्य उद्योग और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। अधिसूचना के सार्वजनिक होने की तारीख से 60 दिनों के भीतर अपनी राय भेजी जा सकती है। सभी सुझावों पर विचार करने के बाद ही अंतिम नियमों को अधिसूचित किया जाएगा।

इनपुट: IANS

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News4Social एजुकेशन डेस्क

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