चॉकलेट, बिस्कुट और क्रीम बन में भ्रामक दावे: FSSAI ने लोटे, कुबेरा फूड्स और FNP को भेजा नोटिस
भारत के खाद्य नियामक FSSAI ने तीन जानी-मानी कंपनियों—लोटे इंडिया, कुबेरा फूड्स और फर्न्स एन पेटल्स (FNP)—को उनके उत्पादों पर भ्रामक लेबल और गलत दावों के चलते नोटिस जारी किया है। इन कंपनियों पर ग्राहको
भारत के खाद्य नियामक FSSAI ने तीन जानी-मानी कंपनियों—लोटे इंडिया, कुबेरा फूड्स और फर्न्स एन पेटल्स (FNP)—को उनके उत्पादों पर भ्रामक लेबल और गलत दावों के चलते नोटिस जारी किया है। इन कंपनियों पर ग्राहकों को गुमराह करने और पैकेजिंग के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, तीनों कंपनियों को अपना पक्ष रखने के लिए सात दिन का समय दिया गया है।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर यह जानकारी साझा की। नियामक ने स्पष्ट किया है कि यदि कंपनियां संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं देती हैं, तो उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
किस कंपनी पर क्या हैं आरोप?
लोटे इंडिया कॉर्पोरेशन (Lotte India): FSSAI के मुताबिक, लोटे इंडिया के कई उत्पादों में खामियां पाई गईं। कंपनी के चोको पाई पर '100% शाकाहारी' का दावा भ्रामक पाया गया। इसके अलावा, कंपनी ने बिना अनुमति के अपने पुराने नाम वाले लेबल का इस्तेमाल जारी रखा। पेपेरो बिस्किट स्टिक्स पर पोषण संबंधी जानकारी सही प्रारूप में नहीं थी, जबकि फ्रूट्ज एक्लेयर्स के नाम से ऐसा भ्रम पैदा हो रहा था कि उसमें फल हैं, जबकि असल में ऐसा नहीं था।
कुबेरा फूड्स (Kubera Foods): कंपनी को उसके 'सॉफ्ट एंड फ्रेश क्रीम बन पाइनएप्पल' उत्पाद के लिए नोटिस मिला है। इसके पैकेट पर '100% नेचुरल' और 'कोई प्रिजर्वेटिव, रंग और फ्लेवर नहीं' जैसे दावे किए गए थे, लेकिन लेबल पर ही प्रिजर्वेटिव (INS 282), सिंथेटिक फूड कलर (INS 110) और अतिरिक्त फ्लेवर का जिक्र था। नियामक के अनुसार, 'शुद्ध' या 'प्राकृतिक' जैसे शब्दों का इस्तेमाल नियमों का उल्लंघन है।
फर्न्स एन पेटल्स (FNP): FNP को उसके 'रोस्टेड आलमंड चॉकलेट' उत्पाद को लेकर नोटिस दिया गया है। इसे 'प्रीमियम चॉकलेट' बताकर बेचा जा रहा था, जबकि इसमें हाइड्रोजेनेटेड वेजिटेबल फैट का इस्तेमाल हुआ था, जिसकी अनिवार्य घोषणा लेबल पर नहीं की गई थी। इसके अलावा, पैकेजिंग पर बादाम को प्रमुखता से दिखाने के बावजूद यह नहीं बताया गया था कि उत्पाद में बादाम की मात्रा कितने प्रतिशत है।
इनपुट: IANS



