नौकरी की तलाश में जुटे फ्रेशर्स के लिए अच्छी खबर, 75% कंपनियां भर्ती को तैयार, AI स्किल्स की भारी मांग
अगर आप कॉलेज से हाल ही में निकले हैं और नौकरी ढूंढ रहे हैं, तो आपके लिए एक राहत भरी खबर है। भारत में फ्रेशर्स यानी नए स्नातकों के लिए रोजगार के मौके बढ़े हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के…
अगर आप कॉलेज से हाल ही में निकले हैं और नौकरी ढूंढ रहे हैं, तो आपके लिए एक राहत भरी खबर है। भारत में फ्रेशर्स यानी नए स्नातकों के लिए रोजगार के मौके बढ़े हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 की दूसरी छमाही (जुलाई से दिसंबर) में करीब 75 प्रतिशत कंपनियां नए चेहरों को मौका देने की योजना बना रही हैं। यह आंकड़ा साल की पहली छमाही के 73 प्रतिशत से थोड़ा ज़्यादा है, जो एंट्री-लेवल नौकरियों को लेकर कंपनियों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।
यह रिपोर्ट टीमलीज एडटेक (TeamLease EdTech) द्वारा जारी की गई है। इसके अनुसार, रिटेल, ई-कॉमर्स, टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र फ्रेशर्स की भर्ती में सबसे आगे हैं। इन सेक्टर्स में उन युवाओं के लिए मौके लगातार बढ़ रहे हैं, जिनके पास व्यावहारिक कौशल यानी प्रैक्टिकल स्किल्स हैं।
किन क्षेत्रों में बढ़ी मांग, कहाँ आई कमी?
हालांकि, हर सेक्टर में एक जैसा उत्साह नहीं है। कुछ प्रमुख उद्योगों में फ्रेशर्स की भर्ती की योजना में गिरावट भी दर्ज की गई है। उदाहरण के लिए, आईटी सेक्टर में भर्ती का इरादा साल की पहली छमाही के 81% से घटकर अब 76% रह गया है। इसी तरह, कंसल्टिंग, टेलीकॉम और मार्केटिंग व विज्ञापन जैसे क्षेत्रों में भी फ्रेशर्स की भर्ती की इच्छा में लगभग 3 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं, मीडिया-मनोरंजन और शिक्षा सेवाओं में यह गिरावट 2 प्रतिशत रही।
डिग्री से ज़्यादा स्किल्स पर ज़ोर
टीमलीज एडटेक के संस्थापक और सीईओ शांतनु रूज का कहना है कि अब कंपनियां सिर्फ डिग्री देखकर नौकरी नहीं दे रही हैं, बल्कि वे कौशल-आधारित प्रतिभा को प्राथमिकता दे रही हैं। उन्होंने कहा, "नियोक्ता अब फ्रेशर्स से अधिक व्यावहारिक और जॉब-रेडी स्किल्स की अपेक्षा कर रहे हैं। रिटेल, ई-कॉमर्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में भर्ती बढ़ रही है क्योंकि यहां उद्योगों को तैयार उम्मीदवार मिल रहे हैं। वहीं आईटी और कंसल्टिंग कंपनियां एआई दक्षता, समस्या समाधान क्षमता और वास्तविक परियोजनाओं के अनुभव को प्राथमिकता दे रही हैं।"
रूज के अनुसार, यह ज़रूरी है कि उच्च शिक्षा को स्किल डेवलपमेंट के साथ जोड़ा जाए, ताकि छात्र संस्थानों से ऐसे कौशल सीखकर निकलें जिनकी इंडस्ट्री में वाकई मांग है।
नौकरियों के लिए टॉप शहर और स्किल्स
रिपोर्ट के अनुसार, शहरों के मामले में बेंगलुरु फ्रेशर्स के लिए सबसे बड़ा हब बना हुआ है, जहाँ करीब 90% कंपनियां नए लोगों को नौकरी देने के लिए तैयार हैं। इसके बाद मुंबई (75%) और चेन्नई (71%) का नंबर आता है। रिपोर्ट में कुछ खास स्किल-आधारित सर्टिफिकेट कोर्स का भी ज़िक्र है, जो युवाओं की नौकरी पाने की संभावना बढ़ा सकते हैं। इनमें वीएलएसआई चिप डिजाइन, एआई इंजीनियरिंग, क्लाउड सिक्योरिटी, डिजिटल मार्केटिंग एनालिटिक्स और गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (जीएमपी) जैसे कोर्स शामिल हैं।
इनपुट: IANS



