बंगाल: सिविक वॉलंटियर भर्ती घोटाले में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से ED की पूछताछ, कई अन्य मामले भी जांच के घेरे में
पश्चिम बंगाल की पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार में मंत्री रहे इंद्रनील सेन की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। बुधवार को वह सिविक वॉलंटियर्स की भर्ती में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED)…
पश्चिम बंगाल की पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार में मंत्री रहे इंद्रनील सेन की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। बुधवार को वह सिविक वॉलंटियर्स की भर्ती में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पेश हुए। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सेन सुबह करीब 11 बजे कोलकाता के साल्ट लेक स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे, जहां अधिकारियों ने उनसे पूछताछ शुरू की।
यह मामला मुर्शिदाबाद जिले में सिविक वॉलंटियर्स की नियुक्ति से जुड़ा है, जहां सेन तृणमूल कांग्रेस के जिला पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। ईडी को शुरुआती जांच में इस भर्ती प्रक्रिया में उनकी संलिप्तता के संकेत मिले हैं। एजेंसी ने इसी सप्ताह की शुरुआत में उन्हें समन जारी कर पिछले 10 वर्षों के दौरान उनके सभी संगठनों से जुड़े वित्तीय लेनदेन और बैंक खातों के दस्तावेज लाने को कहा था। सूत्रों के मुताबिक, यह पूछताछ कई घंटों तक चल सकती है।
एक साथ कई मामलों की जांच
यह पूछताछ ऐसे समय में हो रही है जब इंद्रनील सेन पहले से ही एक अन्य मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की जांच का सामना कर रहे हैं। पिछले महीने एजेंसी ने सेन और उनकी पत्नी मधुचंदा सेन से जुड़े संगठन 'महानिर्वाण रोड मास आर्ट सोसाइटी' के संबंध में उनसे पूछताछ की थी। आरोप है कि इस संगठन ने दुर्गा पूजा के दौरान 'प्रीव्यू शो' आयोजित कर पास बेचे और खुद को यूनेस्को से जुड़ी संस्था के तौर पर पेश किया। एजेंसी इन आयोजनों से जुटाई गई धनराशि के स्रोत और इस्तेमाल की जांच कर रही है, हालांकि सेन ने इन आरोपों से इनकार किया है।
इसी मामले में ईडी ने सितंबर में पीएमएलए के तहत सेन, उनकी पत्नी और सहयोगियों से जुड़े 15 ठिकानों पर तलाशी भी ली थी।
राज्य सरकार का जांच आयोग भी सक्रिय
ईडी के अलावा, पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा गठित एक न्यायिक जांच आयोग भी पिछली तृणमूल सरकार के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रहा है, जिसमें सेन से जुड़े मामले भी शामिल हैं। यह आयोग राज्य के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग में सेन के मंत्री रहते हुए कथित टेंडर अनियमितताओं और 'मोदेर गौरव बांग्ला' परियोजना के तहत दिए गए ठेकों की भी जांच कर रहा है। फिलहाल इन सभी मामलों में जांच जारी है और आरोप साबित नहीं हुए हैं।
इनपुट: IANS



