‘एक्ट ईस्ट’ नीति पर ज़ोर: प्रधानमंत्री मोदी अगले हफ़्ते इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के दौरे पर
भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति और हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी साझेदारी को और मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह तीन देशों—इंडोनेशिया,
भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति और हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी साझेदारी को और मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह तीन देशों—इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड—की यात्रा पर रहेंगे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इस दौरे की जानकारी देते हुए बताया कि भारत का ध्यान अब हिंद महासागर के पश्चिमी हिस्से से पूर्वी हिस्से की ओर बढ़ रहा है।
यह यात्रा 6 जुलाई को इंडोनेशिया से शुरू होगी, जहाँ प्रधानमंत्री मोदी जकार्ता में कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसके अलावा, वह यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल ऐतिहासिक शहर योग्याकार्ता और प्रंबानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे।
रणनीतिक साझेदारी और समुद्री सुरक्षा
विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) रुद्रेंद्र टंडन ने बताया कि 2018 में पीएम मोदी की पिछली इंडोनेशिया यात्रा के दौरान शुरू हुई ‘कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप’ अब भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और ‘महासागर’ विजन का एक अहम हिस्सा बन चुकी है। इंडोनेशिया मलक्का स्ट्रेट की सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो भारत समेत दुनिया के लिए एक प्रमुख समुद्री व्यापार मार्ग है। टंडन के अनुसार, "दोनों देशों के नेता संबंधों की समीक्षा करेंगे और इसे आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे, खासकर समुद्री सहयोग, रक्षा, व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर। साथ ही लोगों के बीच आपसी रिश्तों को भी और गहरा करने पर जोर दिया जाएगा।"
ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के साथ संबंध
अपने दौरे के दूसरे चरण में, प्रधानमंत्री मोदी 10 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न पहुँचेंगे। वहाँ वह भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन के तीसरे संस्करण में हिस्सा लेंगे। यह एक शीर्ष स्तरीय मंच है जिसकी शुरुआत 2020 में हुई थी, जिसमें क्रिटिकल मिनरल्स, साइबर सुरक्षा और नई तकनीकों जैसे उभरते क्षेत्रों पर भी चर्चा होगी।
इसके बाद 11 जुलाई को प्रधानमंत्री न्यूज़ीलैंड का दौरा करेंगे, जहाँ वे अपने समकक्ष क्रिस्टोफर लक्सन के साथ बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय के सचिव ने इस यात्रा को ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण बताया, क्योंकि 40 वर्षों में यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री न्यूज़ीलैंड का दौरा करेंगे। हाल ही में दोनों देशों के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से संबंधों में तेज़ी आई है।
इनपुट: IANS



