विदेशी निवेशकों ने फिर शुरू की बिकवाली, भारतीय निवेशकों के दम पर संभला शेयर बाजार
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने तीन हफ्तों की लगातार खरीदारी के बाद एक बार फिर बिकवाली का रुख अपनाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते सप्ताह विदेशी निवेशकों…
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने तीन हफ्तों की लगातार खरीदारी के बाद एक बार फिर बिकवाली का रुख अपनाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते सप्ताह विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से 1,602 करोड़ रुपए की शुद्ध निकासी की। हालांकि, इस दौरान घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की जोरदार खरीदारी ने बाजार को बड़ा सहारा दिया और गिरावट को सीमित रखा।
लगातार दूसरे सप्ताह भारतीय शेयर बाजार पर दबाव का माहौल बना रहा, जिसकी मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का 92 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहना और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ता तनाव रही। इन वैश्विक संकेतों के कारण निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
विदेशी और घरेलू निवेशकों की रणनीति
विदेशी निवेशकों का व्यवहार पूरे हफ्ते मिला-जुला रहा। उन्होंने सप्ताह के पहले और आखिरी दो कारोबारी सत्रों में बिकवाली की, जबकि बीच के दो दिनों में खरीदारी करते दिखे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने अपनी खरीदारी की रफ्तार बनाए रखी। उन्होंने न सिर्फ इस सप्ताह 17,320 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश किया, बल्कि पिछले एक महीने में हर सप्ताह खरीदारी करते हुए कुल 48,390 करोड़ रुपए बाजार में लगाए हैं।
अगर 20 जुलाई से 21 अगस्त तक के एक महीने के आंकड़ों को देखें, तो विदेशी निवेशक कुल मिलाकर 1,282 करोड़ रुपए के शुद्ध खरीदार बने हुए हैं। वहीं, अगस्त महीने में अब तक FII ने 2,510 करोड़ रुपए और DII ने 34,370 करोड़ रुपए का निवेश किया है, यानी दोनों ही कुल मिलाकर खरीदार हैं।
बाजार का साप्ताहिक प्रदर्शन
सप्ताह के दौरान मुख्य सूचकांक निफ्टी सीमित दायरे में कारोबार करता रहा। इसने 24,026 का निचला स्तर भी छुआ, लेकिन अंतिम कारोबारी सत्रों में कुछ रिकवरी देखी गई। इसके बावजूद, यह पिछले सप्ताह की तुलना में लगभग 0.5% की गिरावट के साथ 24,252 के स्तर पर बंद हुआ।
हालांकि, बड़े शेयरों के मुकाबले छोटे और मझोले शेयरों का प्रदर्शन काफी बेहतर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स लगभग सपाट बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने 1% से अधिक की बढ़त के साथ अपना सर्वकालिक उच्च स्तर बनाया। विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले समय में बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाओं से तय होगी।
इनपुट: IANS



