गुरूवार, 22 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन ठगी पर FBI का बड़ा एक्शन, 'ऑपरेशन ब्लैकआउट' में 17 अरब डॉलर से ज़्यादा ज़ब्त

अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय अभियान में विदेशी ऑनलाइन धोखाधड़ी नेटवर्कों से 17 अरब डॉलर से ज़्यादा की रकम ज़ब्त की है। समाचार एजेंसी IANS की एक…

अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन ठगी पर FBI का बड़ा एक्शन, 'ऑपरेशन ब्लैकआउट' में 17 अरब डॉलर से ज़्यादा ज़ब्त
(फोटो: IANS)

अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय अभियान में विदेशी ऑनलाइन धोखाधड़ी नेटवर्कों से 17 अरब डॉलर से ज़्यादा की रकम ज़ब्त की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, 'ऑपरेशन ब्लैकआउट' नामक यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन द्वारा अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाले विदेशी कॉल सेंटरों और ऑनलाइन ठगी के गिरोहों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है।

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बुधवार को व्हाइट हाउस में साइबर अपराध पर आयोजित एक बैठक में एफबीआई के निदेशक काश पटेल ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ज़ब्त की गई इस रकम को वापस हासिल कर लिया गया है। भारतीय मूल के पहले एफबीआई निदेशक पटेल ने कहा, "फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई), न्याय विभाग (डीओजे) और अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालयों के साथ मिलकर हम इन स्कैम सेंटरों से 17 अरब डॉलर से अधिक की रकम ज़ब्त कर चुके हैं।"

कई देशों में फैले थे धोखाधड़ी के अड्डे

काश पटेल के मुताबिक, ये स्कैम सेंटर दक्षिण-पूर्व एशिया, अफ्रीका और मध्य-पूर्व जैसे क्षेत्रों में एक बड़े साम्राज्य की तरह फैले हुए थे। उन्होंने इन्हें सिर्फ छोटे-मोटे ठिकाने नहीं, बल्कि पूरे शहरों और बस्तियों जैसा बताया, जहाँ मानव तस्करी के शिकार लोगों को भी रखने की बात सामने आई है। इस अभियान के तहत ऐसे 20 से ज़्यादा स्कैम कंपाउंड नष्ट किए जा चुके हैं। पटेल ने बताया कि जब ये गिरोह अफ्रीका में शिफ़्ट हुए, तब भी एजेंसियों ने उनका पीछा किया। हाल ही में दो हफ़्ते पहले घाना और नाइजीरिया में कार्रवाई कर 300 लोगों को गिरफ़्तार किया गया और अमेरिकी वरिष्ठ नागरिकों से ठगे गए लगभग 1.5 करोड़ डॉलर ज़ब्त किए गए।

अभियान की सफलता पर राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा?

बैठक की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि इस साल संघीय एजेंसियां 10,000 से अधिक अमेरिकी नागरिकों को संभावित धोखाधड़ी से बचाने में सफल रहीं, जिससे लगभग 1.6 अरब डॉलर का नुकसान रोका जा सका। उन्होंने कहा कि एजेंसियों ने विदेशी ठगों से जुड़ी लगभग एक अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी को फ्रीज़ किया है, 500 से ज़्यादा फ़र्ज़ी वेबसाइटें बंद कराई हैं और टेक कंपनियों की मदद से लाखों ऑनलाइन खाते निष्क्रिय किए हैं।

ठगों पर चौतरफ़ा कार्रवाई

अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने बताया कि अब धोखाधड़ी में शामिल पाए जाने वाले लोगों को अमेरिकी वीज़ा भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अप्रैल में एफबीआई और दुबई पुलिस ने मिलकर 276 लोगों को गिरफ़्तार किया था और अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना रहे नौ स्कैम सेंटर बंद कराए थे। इसके अलावा, न्याय विभाग ने एक नया 'स्कैम सेंटर सेल' भी बनाया है, जिसका मकसद पूरे नेटवर्क को खत्म करना है। तकनीकी कंपनियों जैसे मेटा, गूगल, और माइक्रोसॉफ्ट ने भी संदिग्ध डोमेन और आपराधिक नेटवर्क बंद करने में मदद की है।

इनपुट: IANS

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