नकली दवा रैकेट: कर्नाटक SIT की 6 राज्यों में बड़ी कार्रवाई, अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच
बेंगलुरु के पास हाल ही में सामने आए एक बड़े नकली दवा रैकेट की जांच अब देश के कई राज्यों तक पहुंच गई है। कर्नाटक की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस मामले में एक साथ 6 राज्यों में 10 ठिकानों पर छापेमारी की…
बेंगलुरु के पास हाल ही में सामने आए एक बड़े नकली दवा रैकेट की जांच अब देश के कई राज्यों तक पहुंच गई है। कर्नाटक की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस मामले में एक साथ 6 राज्यों में 10 ठिकानों पर छापेमारी की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कार्रवाई शुक्रवार को कर्नाटक, हरियाणा, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में की गई।
इस बड़े ऑपरेशन को SIT और औषधि नियंत्रण विभाग ने मिलकर अंजाम दिया, जिसमें करीब 80 से 100 अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। छापेमारी उन कंपनियों के दफ्तरों, संपत्तियों और अन्य जगहों पर की गई, जो कथित तौर पर नकली दवाएं बनाने, उनकी रीपैकेजिंग करने और उन्हें सप्लाई करने के नेटवर्क का हिस्सा थीं। जांच के तहत बेंगलुरु के मिनर्वा सर्कल स्थित एक फार्मास्युटिकल कंपनी के परिसर की भी तलाशी ली गई।
गंभीर बीमारियों की नकली दवाएं
यह मामला इसलिए भी बेहद गंभीर है क्योंकि इस रैकेट में अस्पतालों के गहन चिकित्सा कक्ष (ICU) में इस्तेमाल होने वाली दवाओं को भी नकली बनाकर बेचा जा रहा था। जांच में पता चला है कि ये दवाएं निजी अस्पतालों और दवा की दुकानों को बाजार कीमत से लगभग 50% कम दाम पर सप्लाई की जाती थीं।
रैकेट का तरीका यह था कि अलग-अलग राज्यों से कम कीमत वाली, घटिया या एक्सपायर हो चुकी दवाएं मंगवाई जाती थीं। फिर उन्हें नई शीशियों में भरकर मशहूर मल्टीनेशनल फार्मा कंपनियों के नकली लेबल लगाकर रीपैकेज किया जाता था और भारी मुनाफे पर बेचा जाता था।
कैसे सामने आया मामला?
इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ करीब दो हफ्ते पहले हुआ था। अगस्त 2026 में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) और स्थानीय पुलिस ने रामनगर जिले के बिदादी के पास कुरुबारा करेनहल्ली में एक फार्महाउस पर छापा मारा था। यहां से लगभग 5 करोड़ रुपये की नकली दवाएं जब्त की गईं और बिना लाइसेंस की एक रीपैकेजिंग सुविधा का पता चला था।
मामले के अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तार जुड़े होने की आशंका के चलते कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने इसे 'ड्रग माफिया का बड़ा ऑपरेशन' बताते हुए SIT जांच के आदेश दिए थे। जांचकर्ताओं को यह भी पता चला है कि दवाओं पर लगाए जाने वाले नकली लेबल विदेशों से मंगवाए जा रहे थे। अधिकारी अब इस रैकेट की पूरी सप्लाई चेन, दवाओं के स्रोत और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटे हैं।
इनपुट: IANS



