शनिवार, 5 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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पोलैंड दौरा: विदेश मंत्री जयशंकर की राष्ट्रपति से मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी और यूक्रेन संघर्ष पर हुई अहम चर्चा

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को अपने पोलैंड दौरे के दौरान वारसॉ में राष्ट्रपति कैरोल नवरोकी से मुलाकात की। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में भारत और पोलैंड के बीच…

पोलैंड दौरा: विदेश मंत्री जयशंकर की राष्ट्रपति से मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी और यूक्रेन संघर्ष पर हुई अहम चर्चा
(फोटो: IANS)

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को अपने पोलैंड दौरे के दौरान वारसॉ में राष्ट्रपति कैरोल नवरोकी से मुलाकात की। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बैठक में भारत और पोलैंड के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों नेताओं ने यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया के हालात, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) और जी20 से जुड़े मुद्दों पर भी विचार साझा किए।

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विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस मुलाकात को लेकर कहा, "पोलैंड के राष्ट्रपति कैरोल नवरोकी से मिलकर खुशी हुई। हमारी बातचीत हमारी रणनीतिक साझेदारी की सकारात्मक दिशा पर केंद्रित रही।"

द्विपक्षीय सहयोग और कार्य योजना की समीक्षा

इससे पहले, एस. जयशंकर ने पोलैंड के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की से भी मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा दोनों देशों के बीच 'संयुक्त कार्य योजना 2024-28' की प्रगति की समीक्षा करना था। इस योजना के तहत व्यापार और निवेश, अंतरिक्ष, डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, रक्षा, शिक्षा, शिपिंग, खनन, ऊर्जा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना शामिल है।

जयशंकर ने बताया कि उन्होंने गहरे भारत-यूरोपीय संघ सहयोग के लिए पोलैंड के समर्थन को महत्व दिया और विश्वास जताया कि मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लागू होने से द्विपक्षीय सहयोग और भी मजबूत होगा।

वैश्विक मुद्दे और संसदीय संबंध

अपनी यात्रा के दौरान विदेश मंत्री ने किंगा गजेव्स्का के नेतृत्व वाले भारत-पोलैंड संसदीय समूह के साथ भी संवाद किया। उन्होंने कहा, "हमने आधुनिक भारत-पोलैंड संबंधों को आकार देने पर विचार साझा किए।" इस दौरान यूरोपीय संघ के साथ भारत के संबंधों के व्यापक संदर्भ में क्षेत्रीय विकास पर भी चर्चा हुई।

उप प्रधानमंत्री सिकोरस्की के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता में जयशंकर ने यूक्रेन संघर्ष पर भारत का रुख दोहराया। उन्होंने कहा कि संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत और कूटनीति को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "अंतहीन युद्ध की जगह युद्ध की समाप्ति होनी चाहिए।" उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जारी युद्धों से दुनिया भोजन, ईंधन और उर्वरक सुरक्षा जैसी जटिल वैश्विक चुनौतियों का सामना कर रही है।

इनपुट: IANS

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