भारत-फिलीपींस संबंध: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राष्ट्रपति मार्कोस से की मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी पर जोर
भारत और फिलीपींस अपनी रणनीतिक साझेदारी को लगातार मजबूत कर रहे हैं, जिसका आधार 'भारत-फिलीपींस कार्ययोजना 2025-2029' का प्रभावी क्रियान्वयन है। यह बात विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने फिलीपींस के…
भारत और फिलीपींस अपनी रणनीतिक साझेदारी को लगातार मजबूत कर रहे हैं, जिसका आधार 'भारत-फिलीपींस कार्ययोजना 2025-2029' का प्रभावी क्रियान्वयन है। यह बात विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर से मुलाकात के बाद कही। अपनी आधिकारिक फिलीपींस यात्रा के दौरान, समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जयशंकर ने गुरुवार को राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर से मिलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए विदेश मंत्री ने बताया कि उन्होंने फिलीपींस की सफल आसियान अध्यक्षता के लिए भारत के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया है। जयशंकर इस समय आसियान ढांचे के तहत आयोजित विदेश मंत्रियों की बैठकों में हिस्सा लेने के लिए मनीला में हैं।
विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति
अपनी यात्रा के दौरान, जयशंकर ने बुधवार को फिलीपींस की अपनी समकक्ष, विदेश मंत्री मारिया थेरेसा पी. लाजारो से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा, रक्षा और सुरक्षा, समुद्री सहयोग, क्षमता निर्माण और विकास सहयोग जैसे क्षेत्रों में संबंधों को और आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। उन्होंने हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र के हालिया घटनाक्रमों की भी समीक्षा की।
फिलीपींस की विदेश मंत्री थेरेसा लाजारो ने बैठक को सार्थक और सकारात्मक बताते हुए कहा, "दोनों देशों ने फिनटेक, व्यापार एवं निवेश, उच्च शिक्षा, दवा उद्योग, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।"
लगातार संवाद का महत्व
भारत में फिलीपींस के राजदूत जोसेल एफ. इग्नासियो ने IANS से बातचीत में विदेश मंत्री जयशंकर की यात्रा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि जयशंकर का वर्ष 2022, 2024 और अब 2026 (यह मूल लेख में '2026' था, तथ्य वही रखा गया है) में लगातार फिलीपींस का दौरा करना दोनों देशों के बीच नियमित संवाद को दर्शाता है, जिससे आपसी हितों के मुद्दों पर गहन चर्चा का अवसर मिलता है। राजदूत ने यह भी बताया कि मनीला में आसियान-भारत पोस्ट-मिनिस्ट्रियल कॉन्फ्रेंस के साथ-साथ क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक का आयोजन भी हुआ।
इनपुट: IANS



