सिकंदराबाद शस्त्रागार चोरी: सेना का ही पूर्व हवलदार गिरफ्तार, सभी हथियार और गोला-बारूद बरामद
सिकंदराबाद कैंटोनमेंट के मद्रास रेजिमेंट शस्त्रागार से पिछले महीने हुई हथियारों की बड़ी चोरी का मामला सुलझा लिया गया है। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के आरोप में सेना के ही एक सेवानिवृत्त हवलदार…
सिकंदराबाद कैंटोनमेंट के मद्रास रेजिमेंट शस्त्रागार से पिछले महीने हुई हथियारों की बड़ी चोरी का मामला सुलझा लिया गया है। इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के आरोप में सेना के ही एक सेवानिवृत्त हवलदार को गिरफ्तार किया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी हुए सभी हथियार और गोला-बारूद भी बरामद कर लिए हैं।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान उप्पुथोला मल्लेश (37) के तौर पर हुई है, जो मद्रास रेजिमेंट की 20वीं बटालियन में हवलदार (NCO) के पद पर था। उसे बोलारम पुलिस ने हैदराबाद टास्क फोर्स और एसओटी मल्काजगिरि कमिश्नरेट के साथ चलाए गए एक संयुक्त अभियान में पकड़ा।
चोरी के पीछे की वजह और मकसद
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सीवी आनंद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि मल्लेश सेना से समय से पहले सेवानिवृत्त किए जाने से नाराज था। माना जा रहा है कि इसी नाराजगी के चलते उसने यह कदम उठाया। डीजीपी ने कहा, "पहली नजर में ऐसा लगता है कि मल्लेश ने यह अपराध अकेले किया है, लेकिन हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि इसमें कोई और शामिल था या नहीं।" फिलहाल आरोपी के हथियार तस्करों से संबंध होने की संभावना कम लग रही है।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
इस बड़ी चोरी के बाद तेलंगाना पुलिस ने मामले को एक चुनौती के रूप में लिया। डीजीपी के मुताबिक, जांच की शुरुआत में ही यह एक अंदरूनी व्यक्ति का काम लग रहा था, क्योंकि शस्त्रागार तक किसी बाहरी का पहुंचना बेहद मुश्किल था।
पुलिस ने उन सभी लोगों की सूची बनाई, जिनकी हथियार भंडार तक पहुंच थी, जिसमें सेवारत कर्मचारी, ठेके पर काम करने वाले और हाल में सेवानिवृत्त हुए लोग शामिल थे। करीब 8.5 लाख मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। तकनीकी जांच के बाद शक हाल ही में रिटायर हुए दो लोगों पर केंद्रित हुआ, जिनमें से एक मल्लेश था।
मल्लेश की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं और पूछताछ में उसके बयान मेल नहीं खा रहे थे। बाद में जब उसने अपना फोन डेटा डिलीट कर दिया और पूछताछ के लिए बुलाने पर नहीं आया तो शक और गहरा गया। 10 सितंबर को हैदराबाद ले जाते समय उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
क्या-क्या बरामद हुआ?
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने सभी चोरी किए गए हथियार और गोला-बारूद बरामद कर लिए हैं। इनमें शामिल हैं:
- 4 एके-203 असॉल्ट राइफल और 5 मैगजीन
- 1 इंसास राइफल और 3 मैगजीन
- 6 नाइन एमएम पिस्टल और 12 मैगजीन
- 1 नाइट विजन बाइनाक्युलर
- 1156 राउंड 9 एमएम गोलियां, 720 राउंड एके-203 की गोलियां, और इंसास राइफल की गोलियां
यह मामला 30 और 31 अगस्त की रात को अंजाम दिया गया था। नागरकर्नूल जिले का रहने वाला मल्लेश 2010 में सेना में भर्ती हुआ था और अनुशासनहीनता के आधार पर इसी साल 30 जून को सेवानिवृत्त हुआ था। बोलारम थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इनपुट: IANS



