डिजिटल पेमेंट का नया रिकॉर्ड: जुलाई में दुकानदारों को मिला ₹11.73 लाख करोड़, UPI की हिस्सेदारी 77% पार
भारत में डिजिटल भुगतान का चलन लगातार बढ़ रहा है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि इस साल जुलाई में दुकानदारों और व्यापारियों को किए गए कुल डिजिटल भुगतान का आँकड़ा 11.73 लाख करोड़ रुपए पर पहुँच गया…
भारत में डिजिटल भुगतान का चलन लगातार बढ़ रहा है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि इस साल जुलाई में दुकानदारों और व्यापारियों को किए गए कुल डिजिटल भुगतान का आँकड़ा 11.73 लाख करोड़ रुपए पर पहुँच गया। समाचार एजेंसी IANS के हवाले से जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह पिछले साल इसी महीने के मुकाबले 19.6% की बड़ी बढ़ोतरी है। पिछले साल जुलाई 2025 में यह आँकड़ा 9.80 लाख करोड़ रुपए था।
इतना ही नहीं, जून 2026 के 11.17 लाख करोड़ रुपए के मुकाबले भी जुलाई में मासिक आधार पर लगभग 5% की वृद्धि दर्ज की गई है। इक्विरस सिक्योरिटीज द्वारा संकलित इन आँकड़ों से साफ है कि लोग खरीदारी के लिए नकदी की जगह डिजिटल माध्यमों को तेजी से अपना रहे हैं।
UPI बना डिजिटल भुगतान की रीढ़
इस शानदार वृद्धि के पीछे सबसे बड़ी ताकत यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) है। रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में UPI के जरिए व्यापारियों को किए गए भुगतान (P2M) में सालाना आधार पर 23.5% की जोरदार बढ़त हुई। कुल 11.73 लाख करोड़ रुपए के डिजिटल भुगतान में अकेले UPI-P2M लेनदेन की हिस्सेदारी 77.3% यानी 9.066 लाख करोड़ रुपए रही। यह आँकड़ा दिखाता है कि छोटे-बड़े व्यापारी अब बड़े पैमाने पर UPI को स्वीकार कर रहे हैं।
क्रेडिट कार्ड का चलन भी मजबूत
UPI के बाद डिजिटल भुगतान का दूसरा सबसे बड़ा जरिया क्रेडिट कार्ड बना हुआ है। जुलाई में क्रेडिट कार्ड से 2.081 लाख करोड़ रुपए खर्च किए गए, जो जून की तुलना में 3.4% अधिक है। कुल डिजिटल व्यापारी भुगतान में क्रेडिट कार्ड का हिस्सा 17.7% रहा। इस दौरान देश में क्रेडिट कार्ड की कुल संख्या भी बढ़कर 12.29 करोड़ हो गई, जो पिछले महीने से 12.67 लाख ज्यादा है।
दिलचस्प बात यह है कि क्रेडिट कार्ड का सबसे ज्यादा इस्तेमाल (63.6%) ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर हो रहा है। ऑनलाइन शॉपिंग पर प्रति क्रेडिट कार्ड औसत खर्च 10,772 रुपए रहा, जबकि दुकानों पर पॉइंट-ऑफ-सेल मशीनों पर यह 6,165 रुपए था।
अन्य डिजिटल माध्यमों की स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार, डेबिट कार्ड से होने वाले खर्च में सालाना आधार पर 0.8% की मामूली गिरावट आई, हालाँकि मासिक आधार पर यह 7.4% बढ़कर 37,700 करोड़ रुपए हो गया। वहीं, प्रीपेड कार्ड और डिजिटल वॉलेट जैसे अन्य माध्यमों से कुल 20,300 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ, जो पिछले साल की तुलना में 41.1% अधिक है।
इनपुट: IANS



