गुजरात की नई डेटा सेंटर पॉलिसी: धोलेरा बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल हब
गुजरात सरकार ने राज्य को डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक वैश्विक केंद्र बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना पेश की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल न
गुजरात सरकार ने राज्य को डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक वैश्विक केंद्र बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना पेश की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को 'विकसित गुजरात-डेटा सेंटर पॉलिसी 2026-29' लॉन्च की, जिसका लक्ष्य धोलेरा को दुनिया के सबसे बड़े डेटा सेंटर शहर के रूप में स्थापित करना है।
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने निवेशकों और टेक्नोलॉजी कंपनियों को संबोधित करते हुए कहा, "मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि यदि दुनिया का सबसे अधिक क्षमता वाला डेटा सेंटर सिटी अगर किसी एक शहर में होगा, तो वह धोलेरा होगा। धोलेरा दुनिया के सबसे बड़े डेटा सेंटर सिटी के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है।"
बुनियादी ढाँचा और निवेशकों के लिए सुविधाएँ
हर्ष संघवी ने बताया कि धोलेरा में हाइपरस्केल डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए आवश्यक बुनियादी ढाँचा पहले से ही तैयार कर लिया गया है। उन्होंने गुजरात को निवेशकों की पहली पसंद बताते हुए स्थिर नीतियों, 24 घंटे बिजली और पानी की दीर्घकालिक उपलब्धता को इसका कारण बताया।
निवेशकों की सुविधा के लिए सरकार जल्द ही एक स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन बैठक आयोजित करेगी। साथ ही, धोलेरा में निवेश करने वाली हर कंपनी के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, ताकि उन्हें विभिन्न सरकारी विभागों में भटकना न पड़े।
पर्यावरण और सतत विकास पर ज़ोर
नई नीति में पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत सभी डेटा सेंटरों के लिए कम से कम 51 प्रतिशत ऊर्जा हरित स्रोतों (Green Energy) से लेना अनिवार्य होगा। संघवी ने स्पष्ट किया कि डेटा सेंटरों को किसानों या अन्य उद्योगों के हिस्से का पानी नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा, "इसलिए समुद्री पानी को मीठे पानी में बदलकर अधिकतम उपयोग करने की योजना बनाई गई है।"
भविष्य की योजनाएँ और कनेक्टिविटी
सरकार की योजना धोलेरा को सिर्फ डेटा सेंटरों तक सीमित न रखकर भविष्य में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) का मुख्यालय बनाने की भी है। औद्योगिक विकास के साथ-साथ धोलेरा एयरपोर्ट को भी जल्द चालू करने और अहमदाबाद से धोलेरा तक सेमी-हाई स्पीड रेल कनेक्टिविटी पर भी काम चल रहा है। उपमुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि नई पॉलिसी की शुरुआती क्षमता 7.5 गीगावाट है, लेकिन भारत और विदेश से निवेशकों की मांग पहले ही इससे लगभग दोगुनी हो चुकी है।
इनपुट: IANS



