हर्ष फायरिंग में महिला की मौत: BJP विधायक राजू सिंह की सज़ा पर फ़ैसला सुरक्षित, विधायकी पर लटकी तलवार
बिहार से भारतीय जनता पार्टी के विधायक राजू कुमार सिंह की सज़ा पर दिल्ली की राऊज़ एवेन्यू कोर्ट ने अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह मामला 2018 में नए साल के जश्न के दौरान
बिहार से भारतीय जनता पार्टी के विधायक राजू कुमार सिंह की सज़ा पर दिल्ली की राऊज़ एवेन्यू कोर्ट ने अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह मामला 2018 में नए साल के जश्न के दौरान हुई हर्ष फायरिंग से जुड़ा है, जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी। अदालत अब शनिवार को अपना आदेश सुनाएगी।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में दोनों पक्षों की तरफ़ से दलीलें पेश की गईं। बचाव पक्ष के वकील ने अदालत से नरमी बरतने की गुहार लगाते हुए कहा कि अगर राजू कुमार सिंह को दो साल से ज़्यादा की सज़ा होती है, तो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत उनकी विधानसभा की सदस्यता रद्द हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि सिंह छह बार विधायक चुने जा चुके हैं और उन्हें सुधार का एक अवसर दिया जाना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 31 दिसंबर 2018 की रात की है। दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक फार्महाउस में नए साल का जश्न चल रहा था, जहाँ लाइसेंसी पिस्तौल से हर्ष फायरिंग की गई। इसी दौरान एक गोली वास्तुकार डॉ. अर्चना गुप्ता को लग गई, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस मामले में फतेहपुर बेरी थाने में केस दर्ज किया गया और दिल्ली पुलिस ने जांच के बाद राजू कुमार सिंह समेत अन्य को गिरफ़्तार किया था।
अदालत में बचाव पक्ष की दलीलें
विधायक के वकील ने अदालत को बताया कि सिंह के ख़िलाफ़ कई आपराधिक मामले दर्ज तो हैं, लेकिन अब तक किसी में भी उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है। उनके मुताबिक़, ज़्यादातर मामले राजनीतिक विरोधियों ने चुनाव के दौरान दर्ज कराए थे। उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. अर्चना गुप्ता उनके परिवार के लिए 'भाभी जैसी' थीं और यह घटना पूरे परिवार के लिए एक 'व्यक्तिगत त्रासदी' थी। बचाव पक्ष ने कहा कि सिंह ने मुक़दमे के दौरान कभी भी पीड़ित परिवार को प्रभावित करने की कोशिश नहीं की और वह क़रीब दो महीने जेल में भी रह चुके हैं।
इसी सुनवाई में प्रोबेशन अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट भी पेश की, जिसमें बताया गया कि राजू सिंह के ख़िलाफ़ बिहार में हत्या का एक मामला भी दर्ज है, जिसमें उन्हें पटना हाई कोर्ट से ज़मानत मिली हुई है। पिछले महीने ही अदालत ने राजू सिंह को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया था, जबकि उनकी पत्नी समेत तीन अन्य को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।
इनपुट: IANS



