हैदराबाद: रेलवे स्टेशन से अगवा एक महीने की बच्ची को पुलिस ने बचाया, 1.5 लाख में हुआ था सौदा
हैदराबाद के लिंगमपल्ली रेलवे स्टेशन से 30 जून को अगवा की गई एक महीने की बच्ची को साइबराबाद पुलिस ने सुरक्षित बचा लिया है। जांच में सामने आया है कि बच्ची का अपहरण एक अंतर-राज्यीय गिरोह ने किया था और उस
हैदराबाद के लिंगमपल्ली रेलवे स्टेशन से 30 जून को अगवा की गई एक महीने की बच्ची को साइबराबाद पुलिस ने सुरक्षित बचा लिया है। जांच में सामने आया है कि बच्ची का अपहरण एक अंतर-राज्यीय गिरोह ने किया था और उसे कोलकाता की एक निसंतान महिला को 1.5 लाख रुपये में बेच दिया गया था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने शुक्रवार को बचाई गई बच्ची को उसकी मां मालन शांता बाई को सौंप दिया। बच्ची उस वक्त अपनी मां की गोद से उठाई गई जब वे रेलवे स्टेशन के पास फुटपाथ पर सो रही थीं। मालन, जो कर्नाटक के बीदर जिले की रहने वाली हैं और एक सर्कस में काम करती हैं, ने पुलिस को बताया कि वह अपने सर्कस दल के अन्य सदस्यों के साथ सो रही थीं। बच्ची के रोने की आवाज़ सुनकर उनकी नींद खुली, लेकिन तब तक अपहरणकर्ता एक ऑटो-रिक्शा में बैठकर फरार हो चुके थे।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच
शिकायत मिलने के बाद, पुलिस की तीन विशेष टीमें बनाई गईं, जिनका नेतृत्व एसीपी सीएच. वाई. श्रीनिवास ने किया। टीमों ने तीन दिनों तक साइबराबाद, मलकाजगिरी और हैदराबाद के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने न सिर्फ बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया, बल्कि इस अपराध में शामिल सभी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। चंदानगर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और किशोर न्याय (जेजे) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कैसे रचा गया अपहरण और सौदे का जाल
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि कोलकाता की रहने वाली 30 वर्षीय रहनुमा अली ने हैदराबाद में रहने वाली अपनी मौसी निम्मी जहान उर्फ सीमा से बच्चा गोद लेने के लिए कहा था। सीमा ने अपनी दोस्त सादेक्वा मकसूद उर्फ नाजिया से संपर्क किया, जिसने यह बात अपने मंगेतर मोहम्मद जुबेर को बताई और बदले में अच्छी रकम का वादा किया।
पुलिस के अनुसार, जुबेर ने अपने एक साथी और ऑटो ड्राइवर मोहम्मद इरफान के साथ मिलकर बच्ची को अगवा करने की साजिश रची। इरफान पहले भी चोरी के एक मामले में आरोपी रह चुका है। बच्ची को अगवा करने के बाद उसे नाजिया के घर ले जाया गया। 1 जुलाई को रहनुमा अली अपनी एक और रिश्तेदार के साथ कोलकाता से हैदराबाद फ्लाइट से आईं और जुबेर को 1.50 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। इससे पहले कि आरोपी बच्ची को लेकर कोलकाता भाग पाते, पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
इनपुट: IANS



