केरल में रेलवे के फैसले पर विवाद: सीएम सतीशन ने मंगलुरु को पलक्कड़ डिवीजन से हटाने का किया कड़ा विरोध
केरल में रेलवे बोर्ड के एक फैसले को लेकर विरोध तेज हो गया है, जिसके तहत मंगलुरु को पलक्कड़ रेलवे डिवीजन से हटाकर मैसूरु डिवीजन में शामिल किया जाना है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने शनिवार को इस कदम को…
केरल में रेलवे बोर्ड के एक फैसले को लेकर विरोध तेज हो गया है, जिसके तहत मंगलुरु को पलक्कड़ रेलवे डिवीजन से हटाकर मैसूरु डिवीजन में शामिल किया जाना है। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने शनिवार को इस कदम को "एकतरफा और आपत्तिजनक" बताते हुए केंद्र सरकार से इस पर पुनर्विचार की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, राज्य सरकार इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखेगी।
मुख्यमंत्री सतीशन ने स्पष्ट किया कि यह फैसला केरल को विश्वास में लिए बिना और किसी भी तरह की चर्चा के बगैर लिया गया है। उन्होंने कहा, "यह मांग कि फैसले पर पुनर्विचार किया जाए, केरल की एकजुट मांग है।" सरकार इस मामले पर दबाव बनाने के लिए राज्य के सभी सांसदों का सहयोग लेगी।
आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव की चिंता
इस प्रस्तावित बदलाव से पलक्कड़ डिवीजन और दक्षिण रेलवे पर पड़ने वाले असर को लेकर गहरी चिंता जताई जा रही है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि मंगलुरु जंक्शन, जो रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ राजस्व का एक बड़ा स्रोत है, को हटाने से पलक्कड़ डिवीजन की आय में भारी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि इससे डिवीजन के भविष्य के विकास पर भी बुरा असर पड़ेगा।
वर्तमान में उल्लाल से मंगलुरु तक का रेल खंड दक्षिण रेलवे के अंतर्गत आता है, लेकिन नए प्रस्ताव के तहत इसे दक्षिण पश्चिम रेलवे के अधीन कर दिया जाएगा। सतीशन के मुताबिक, इससे दक्षिण रेलवे और केरल दोनों को बड़ा नुकसान होगा। यह ट्रांसफर ऐसे समय में हो रहा है जब पलक्कड़ डिवीजन को मंगलुरु सेक्टर से होने वाले यात्री और माल ढुलाई राजस्व से काफी फायदा होता है, और इसे हटाने से डिवीजन का वित्तीय आधार कमजोर हो सकता है।
सांसदों ने भी फैसले पर उठाए सवाल
राज्य सरकार के साथ-साथ कांग्रेस के लोकसभा सांसद एमके राघवन और वीके श्रीकांतन ने भी इस फैसले का विरोध किया है। उन्होंने इस बात पर आपत्ति जताई कि प्रभावित क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी भी सांसद को इस बदलाव के बारे में सूचित नहीं किया गया था।
एमके राघवन ने आरोप लगाया कि मंगलुरु सेक्टर को स्थानांतरित करने की यह कोशिश कई सालों से चल रही थी। उन्होंने कहा कि इसके प्रयास तब शुरू हुए थे जब तमिलनाडु के एक नेता केंद्रीय मंत्री पद पर थे। राघवन ने कहा, "इस मोर्चे पर जो हो रहा है वह निंदनीय है।"
अलग रेलवे ज़ोन की मांग के बीच नया विवाद
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब केरल लंबे समय से अपने लिए एक अलग रेलवे ज़ोन की मांग कर रहा है। मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि जब राज्य के मौजूदा रेलवे प्रशासन के तहत रणनीतिक क्षेत्रों को छीना जा रहा हो तो वह चुप नहीं रह सकता। अब केरल सरकार और सांसद मिलकर इस मुद्दे को केंद्र के समक्ष उठाएंगे और रेलवे बोर्ड से इस प्रस्तावित पुनर्गठन को वापस लेने की मांग करेंगे।
इनपुट: IANS



