25 साल में पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री का अमेरिका दौरा, भूपेंद्र पटेल वाइब्रेंट समिट के लिए निवेशकों को देंगे न्योता
गुजरात में निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिका पहुंच गए हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सोमवार को सैन फ्रांसिस्को…
गुजरात में निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ अमेरिका पहुंच गए हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सोमवार को सैन फ्रांसिस्को में उनके आगमन के साथ ही उनके विदेशी दौरे का अमेरिकी चरण शुरू हो गया। यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि 25 साल से ज्यादा समय में गुजरात के किसी मौजूदा मुख्यमंत्री का यह पहला आधिकारिक अमेरिका दौरा है।
सैन फ्रांसिस्को एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री का स्वागत गुजराती समुदाय के नेताओं ने भारतीय तिरंगा लहराकर किया। अपनी यात्रा की शुरुआत में वह यहीं के गुजराती समुदाय के सदस्यों से मुलाकात करेंगे। इस दौरे का मुख्य लक्ष्य जनवरी 2027 में होने वाले 'वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट' के लिए निवेशकों को आकर्षित करना और भागीदारी को मजबूत करना है।
निवेश जुटाने पर रहेगा जोर
17 से 24 अगस्त तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री पटेल और उनका प्रतिनिधिमंडल अमेरिका और कनाडा में निवेशकों, उद्योग संघों और उभरती टेक्नोलॉजी के प्रमुखों से मुलाकात करेंगे। अमेरिका में सैन फ्रांसिस्को, वॉशिंगटन डीसी और न्यूयॉर्क में कई राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस और आमने-सामने की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन कार्यक्रमों का मकसद गुजरात की विकास गाथा और निवेश के मौकों को दुनिया के सामने रखना है, ताकि राज्य में अधिक विदेशी निवेश लाया जा सके। अमेरिका के बाद प्रतिनिधिमंडल कनाडा के टोरंटो जाएगा।
कौन-कौन हैं प्रतिनिधिमंडल में शामिल?
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ इस दौरे पर एक मजबूत प्रशासनिक और औद्योगिक टीम भी मौजूद है। इसमें मुख्य सचिव एम.के. दास, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टी. नटराजन, उद्योग एवं खान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव ममता वर्मा, प्रधान सचिव संजीव कुमार और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. विक्रांत पांडे शामिल हैं। इसके अलावा, राज्य के व्यापार और उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी इस दल का हिस्सा हैं, जिसमें विनिर्माण, रसायन, फार्मा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों की 22 कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं।
इनपुट: IANS



