बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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विकास की राह पर गढ़चिरौली: नीति आयोग की डेल्टा रैंकिंग में देश में अव्वल, महाराष्ट्र सीएम ने सराहा

महाराष्ट्र का गढ़चिरौली जिला, जो कभी माओवादी उग्रवाद और पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था, अब विकास का एक नया मॉडल बनकर उभरा है। जिले ने नीति आयोग की अप्रैल-जून 2026 की तिमाही 'डेल्टा रैंकिंग' में देशभर…

विकास की राह पर गढ़चिरौली: नीति आयोग की डेल्टा रैंकिंग में देश में अव्वल, महाराष्ट्र सीएम ने सराहा
(फोटो: IANS)

महाराष्ट्र का गढ़चिरौली जिला, जो कभी माओवादी उग्रवाद और पिछड़ेपन के लिए जाना जाता था, अब विकास का एक नया मॉडल बनकर उभरा है। जिले ने नीति आयोग की अप्रैल-जून 2026 की तिमाही 'डेल्टा रैंकिंग' में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह रैंकिंग नीति आयोग के 'एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम' के तहत जारी की जाती है, जो मानव विकास के प्रमुख संकेतकों पर जिलों की प्रगति का आकलन करती है।

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इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को जिले के प्रशासन, सामाजिक संगठनों और नागरिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प से ऐतिहासिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र भी सतत विकास में देश का नेतृत्व कर सकते हैं। इस रैंकिंग में जम्मू-कश्मीर का बारामुला जिला दूसरे स्थान पर रहा।

सफलता के पीछे प्रमुख सुधार

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में इस कामयाबी का श्रेय कई क्षेत्रों में हुए ठोस कार्यों को दिया। उन्होंने बताया कि प्रमुख संरचनात्मक सुधार और लक्षित सरकारी हस्तक्षेपों ने जिले की तस्वीर बदल दी। जल संरक्षण, स्वास्थ्य सेवा, महिला शिक्षा और औद्योगिक कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में किए गए समन्वित प्रयासों से यह संभव हुआ है।

विभिन्न क्षेत्रों में हुए प्रमुख काम:

  • जल संरक्षण: पुनर्जीवित जलयुक्त शिवार अभियान और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के तहत 6,000 से अधिक जल भंडारण संरचनाओं का निर्माण किया गया, जिससे भूजल स्तर सुधरा और कृषि उपज बढ़ी।
  • महिला शिक्षा: दूरदराज के आदिवासी इलाकों के स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग शौचालय बनाए गए, ताकि ड्रॉपआउट दर कम हो सके।
  • वित्तीय समावेशन: आधार से जुड़े बैंक खातों के प्रमाणीकरण में तेजी लाई गई, जिससे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) सुव्यवस्थित हुआ।
  • कौशल विकास: गढ़चिरौली आईटीआई में महिंद्रा, लॉयड्स और टाटा ट्रस्ट्स जैसे कॉर्पोरेट भागीदारों के सहयोग से उन्नत व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किए गए।
  • स्वास्थ्य सेवाएं: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में सुधार के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष पोषण कार्यक्रम चलाए गए।

सामूहिक प्रयास की जीत

सीएम फडणवीस ने इस उपलब्धि को एक सामूहिक प्रयास का परिणाम बताया। उन्होंने जिला प्रशासन, जमीनी स्तर के स्वास्थ्य कर्मियों, सामाजिक संगठनों, निजी भागीदारों और गढ़चिरौली के नागरिकों के समन्वित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, "यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि समर्पित शासन, कॉर्पोरेट साझेदारी और जन भागीदारी मिलकर क्या हासिल कर सकते हैं। मैं इस ऐतिहासिक जीत में योगदान देने वाले हर अधिकारी, भागीदार संगठन और नागरिक को बधाई देता हूं।"

'ग्रीन स्टील हब' बनने की ओर अग्रसर

नीति आयोग द्वारा गढ़चिरौली को शीर्ष पर रखना ऐसे समय में हुआ है जब मुख्यमंत्री फडणवीस ने इसे भारत का प्रमुख 'ग्रीन स्टील हब' बनाने का विजन रखा है। उन्होंने क्षेत्र के प्रचुर खनिज संसाधनों जैसे उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क, मैंगनीज और चूना पत्थर का उल्लेख करते हुए कहा कि गढ़चिरौली स्वच्छ, पर्यावरण-अनुकूल स्टील उत्पादन में देश का नेतृत्व करेगा। राज्य सरकार गढ़चिरौली को केंद्र बनाकर विदर्भ में 50 एमटीपीए स्टील निर्माण क्षमता का लक्ष्य लेकर चल रही है।

इनपुट: IANS

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News4Social महाराष्ट्र डेस्क

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