रेणुकास्वामी मर्डर केस: बेंगलुरु कोर्ट का बड़ा कदम, कार्यवाही के वीडियो पर फेसबुक, यूट्यूब समेत 4 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सीधा नोटिस
बेंगलुरु के चर्चित रेणुकास्वामी हत्याकांड की सुनवाई कर रही एक ट्रायल कोर्ट ने पहली बार सीधे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, अदालत ने यह कदम मामले की…
बेंगलुरु के चर्चित रेणुकास्वामी हत्याकांड की सुनवाई कर रही एक ट्रायल कोर्ट ने पहली बार सीधे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, अदालत ने यह कदम मामले की सुनवाई से जुड़े वीडियो ऑनलाइन प्रसारित किए जाने के बाद उठाया है। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स को ऐसे सभी वीडियो तुरंत हटाने का निर्देश दिया है।
59वीं सत्र अदालत द्वारा बुधवार को जारी इस नोटिस के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स ने सुनवाई से जुड़े वीडियो हटाने शुरू कर दिए हैं। यह कार्रवाई तब हुई जब मामले में सरकारी गवाह बने आरोपी प्रदोष एस. राव से जुड़ी अदालती कार्यवाही के वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। आरोप है कि कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स ने अदालत की कार्यवाही के कुछ हिस्से अनधिकृत रूप से रिकॉर्ड कर अपने चैनलों पर अपलोड कर दिए थे।
कानूनी कार्रवाई के सख्त निर्देश
अदालत ने सुनवाई की अनाधिकृत रिकॉर्डिंग और उसके प्रसार पर गहरी आपत्ति जताते हुए पुलिस को भी कड़े निर्देश दिए हैं। पुलिस से कहा गया है कि वह ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करे जो कार्यवाही को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर फैला रहे हैं। विशेष रूप से, ऐसे लोगों पर अदालत की अवमानना (contempt of court) की कार्यवाही दर्ज करने का भी निर्देश दिया गया है।
यह मामला कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा और कई अन्य लोगों से जुड़े हाई-प्रोफाइल रेणुकास्वामी हत्याकांड का है। मामले में आरोपी नंबर 14, प्रदोष राव, को सरकारी गवाह बनाया गया है और वह मजिस्ट्रेट के सामने अपना गोपनीय बयान दर्ज करा रहा था, जिसके वीडियो लीक हुए।
न्यायिक प्रक्रिया में एक नई मिसाल
यह आदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक ऐसे मामलों में पुलिस ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को वीडियो हटाने के लिए नोटिस जारी करती थी और कंटेंट अपलोड करने वालों पर केस दर्ज करती थी। लेकिन इस बार ट्रायल कोर्ट ने लीक हुए कंटेंट को उपलब्ध कराने पर नाराजगी जताते हुए सीधे इन टेक कंपनियों को नोटिस भेजा है, जो एक नई मिसाल है।
इनपुट: IANS



