गुरूवार, 23 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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पुणे 2030: ट्रैफिक जाम से मुक्ति और विकास की नई रफ्तार के लिए 3 एलिवेटेड कॉरिडोर की नींव रखी गई

महाराष्ट्र के पुणे शहर में ट्रैफिक की गंभीर समस्या से निपटने और भविष्य के विकास का खाका तैयार करने के लिए एक बड़ी पहल हुई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को तीन प्रमुख एलिवेटेड कॉरिडोर…

पुणे 2030: ट्रैफिक जाम से मुक्ति और विकास की नई रफ्तार के लिए 3 एलिवेटेड कॉरिडोर की नींव रखी गई
(फोटो: IANS)

महाराष्ट्र के पुणे शहर में ट्रैफिक की गंभीर समस्या से निपटने और भविष्य के विकास का खाका तैयार करने के लिए एक बड़ी पहल हुई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को तीन प्रमुख एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य न सिर्फ़ यातायात को सुगम बनाना है, बल्कि पुणे को 2030 तक देश का एक प्रमुख 'ग्रोथ इंजन' और आधुनिक शहर बनाना भी है।

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समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन तीन परियोजनाओं में पुणे-शिरूर, तलेगांव-चाकण-शिक्रापुर और हडपसर-यवत कॉरिडोर शामिल हैं। शिलान्यास समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पुणे 'डीप टेक' और 'ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स' (जीसीसी) के लिए एक वैश्विक केंद्र बनने की राह पर है।

बुनियादी ढांचे का भविष्य نگر रोडमैप

इन एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) 'बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर' (BOT) मॉडल पर कर रहा है। खास बात यह है कि इन परियोजनाओं के लिए राज्य सरकार को पहले ही 950 करोड़ रुपये का प्रीमियम मिल चुका है, जिसमें पुणे-शिरूर से 500 करोड़, तलेगांव-चाकण-शिक्रापुर से 300 करोड़ और हडपसर-यवत कॉरिडोर से 150 करोड़ रुपये शामिल हैं।

सीएम फडणवीस ने बताया कि इन कॉरिडोर का डिज़ाइन भविष्य की मेट्रो लाइनों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, ताकि आने वाले समय में निर्माण संबंधी कोई बाधा न आए। इस दूरदर्शी योजना से भविष्य में मेट्रो लाइन की लागत में लगभग 40 प्रतिशत की कमी आने का अनुमान है।

एयरपोर्ट कनेक्टिविटी और रिंग रोड परियोजना

आने वाले पुरंदर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक बेहतर पहुंच के लिए सरकार 'डाइव घाट' से होकर एक डबल-ट्यूब टनल बनाने की भी योजना बना रही है। यह टनल सड़क और मेट्रो, दोनों तरह के परिवहन को समायोजित करेगी। एयरपोर्ट के लिए 50% से ज़्यादा ज़मीन का अधिग्रहण पूरा हो चुका है, जिसे मुख्यमंत्री ने एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड बताया।

शहर के अंदर ट्रैफिक का बोझ कम करने के लिए 173 किलोमीटर लंबा आउटर रिंग रोड और 86 किलोमीटर लंबा इनर रिंग रोड भी दो साल के भीतर पूरा होने की उम्मीद है, जिससे शहर के यातायात में 30% की कमी आ सकती है।

पर्यावरण और दीर्घकालिक योजनाएं

विकास के साथ-साथ टिकाऊ जल प्रबंधन पर भी ज़ोर दिया जा रहा है। फडणवीस ने बताया कि शहरी अपशिष्ट जल को रीसायकल करने के लिए जीआईसीए और विश्व बैंक की सहायता से बड़े पैमाने पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि ये तीन एलिवेटेड कॉरिडोर ट्रैफिक जाम और प्रदूषण को काफी हद तक कम करेंगे। उन्होंने बताया कि हाईवे विस्तार में ज़मीन अधिग्रहण की चुनौतियों के कारण अंतरराष्ट्रीय इंजीनियरिंग समाधान अपनाए जा रहे हैं।

इनपुट: IANS

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News4Social महाराष्ट्र डेस्क

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