भोपाल: रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड की जांच अब SIT करेगी, मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश
मध्य प्रदेश में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के तीन हफ्ते बाद अब इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह निर्देश बुधवार को…
मध्य प्रदेश में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के तीन हफ्ते बाद अब इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह निर्देश बुधवार को मध्य प्रदेश आईएएस अधिकारी संघ के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद दिया, जिसने मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की थी।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आईएएस अधिकारी संघ के अध्यक्ष और अतिरिक्त मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव के नेतृत्व में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से उनके आवास 'समत्व भवन' में मुलाकात की। उन्होंने 30 सितंबर को हुई इस हत्या पर प्रशासन और समाज में व्याप्त गहरी चिंता व्यक्त करते हुए एक ज्ञापन सौंपा।
क्या है पूरा मामला?
मध्य प्रदेश कैडर के 1982 बैच के अधिकारी राकेश अग्रवाल 30 सितंबर की सुबह भोपाल के सूरज नगर स्थित अपने आवास 'सिद्धशिला' में मृत पाए गए थे। उनका गला रेता हुआ था। उनकी पत्नी ने जब उनके कमरे का दरवाजा बाहर से बंद पाया, तब इस घटना का पता चला। अग्रवाल अपनी सेवानिवृत्ति से पहले जिला कलेक्टर, सचिव और आरसीवीपी नोरोन्हा प्रशासन अकादमी के महानिदेशक जैसे कई वरिष्ठ पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके थे।
मुख्य संदिग्ध अब भी फरार
इस हत्याकांड में मुख्य संदिग्ध वरुण कुमार (27) नामक एक केयरटेकर है, जो घटना के बाद से ही लापता है। पंजाब के पटियाला जिले के नाभा निवासी वरुण को कुछ ही दिन पहले एक होम हेल्थकेयर एजेंसी के जरिए नौकरी पर रखा गया था। पुलिस के मुताबिक, संदिग्ध की गिरफ्तारी के लिए कई राज्यों में तलाशी अभियान चलाया गया है और उस पर इनाम भी घोषित किया गया है, लेकिन वह अब भी फरार है। जांचकर्ताओं को घर में आग लगाने की कोशिश के भी सबूत मिले हैं, क्योंकि एलपीजी सिलेंडर का पाइप कटा हुआ पाया गया था।
SIT गठन का उद्देश्य
मुख्यमंत्री का यह निर्देश अपराध के तीन सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद आया है। अधिकारियों का कहना है कि एसआईटी के गठन का उद्देश्य भोपाल पुलिस द्वारा की जा रही जांच को और मजबूती देना और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। विशेष जांच दल की संरचना और उसके कामकाज के दायरे से जुड़ी विस्तृत जानकारी जल्द ही जारी होने की उम्मीद है।
इनपुट: IANS



