पाकिस्तान: कूलर से पानी पीने पर रोका, विरोध करने पर ईसाई मजदूर की गला काटकर हत्या
इस्लामाबाद, 25 जून। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक ईसाई दिहाड़ी मजदूर की उसके मुस्लिम सहकर्मी ने चाकू से गला काटकर हत्या कर दी। यह विवाद तब शुरू हुआ जब उस मुस्लिम मजदूर ने ईसाई होने के कारण पीड़ित को साझा वॉटर कूलर से पानी पीने से मना किया।
क्या है पूरा मामला?
स्थानीय पादरी और मानवाधिकार कार्यकर्ता सलीम घौरी ने बताया कि 40 वर्षीय सिद्दीक मसीह अपने भाई रफीक मसीह के साथ कसूर जिले में अलग-अलग ईंट-भट्टों पर दिहाड़ी मजदूरी करते थे। घटना वाले दिन दोनों भाई गोहर चक नंबर-8 गांव स्थित अयान ईंट-भट्टे पर ट्रक में ईंटें लादने गए थे।
घौरी के अनुसार, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले सिद्दीक और अहमद वरयाम नामक एक मुस्लिम मजदूर के बीच मजदूरी से जुड़े किसी मुद्दे पर बहस हुई, जिसे अन्य मजदूरों के हस्तक्षेप से शांत करा दिया गया और दोनों काम पर लौट गए। इसके बाद अहमद ने सिद्दीक को रोककर कहा कि वह वॉटर कूलर से पानी न पीए, क्योंकि वह ईसाई है।
घौरी ने बताया, "सिद्दीक ने जवाब में अहमद के व्यवहार की तुलना यजीद से की, जिसकी सेना ने करबला की घटना से पहले पैगंबर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और उनके परिवार को पानी से वंचित कर दिया था। गवाहों के अनुसार, इसके बाद अहमद ने चाकू निकाला और उसका गला काट दिया। सिद्दीक की मौके पर ही मौत हो गई।"
परिवार की स्थिति
घौरी ने बताया कि सिद्दीक अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके पीछे पत्नी और चार बच्चे हैं। परिवार किराए के मकान में रहता था और पहले से ही आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहा था। इसके अलावा उसके एक बेटे को थैलेसीमिया की बीमारी है, जिसे हर दो से तीन हफ्ते में खून चढ़ाने की ज़रूरत पड़ती है। सिद्दीक की मौत के बाद परिवार का भविष्य और भी अनिश्चित हो गया है।
मानवाधिकार संगठन ने उठाई आवाज़
ऑर्गनाइजेशन फॉर लीगल एड (ओएलए) के प्रतिनिधि सुनील कलीम ने कहा कि यह हमला पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के विरुद्ध होने वाली व्यापक हिंसा की एक और कड़ी है। उन्होंने कहा कि इस हत्या की क्रूरता अत्यंत चिंताजनक है और यह दर्शाती है कि कई धार्मिक अल्पसंख्यक आज भी खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। कलीम ने पाकिस्तानी अधिकारियों से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए।
इनपुट: IANS



