पटना कोचिंग विवाद: खान सर की जमानत पर सुनवाई टली, अधूरी केस डायरी पर कोर्ट ने पुलिस को लगाई फटकार
पटना के चर्चित शिक्षक खान सर से जुड़े कथित गोलीबारी मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई 27 जून तक टल गई है। अदालत ने पुलिस की अधूरी केस डायरी पर नाराज़गी जताते हुए इसे फिर से जमा करने का आदेश दिया। पुलिस का आरोप है कि खान सर के कहने पर दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की गई थी।
मुख्य घटनाक्रम: जमानत पर सुनवाई टली
पटना, बिहार। पटना के दो बड़े कोचिंग संस्थानों के बीच हुए विवाद और कथित गोलीबारी के सनसनीखेज मामले में यूट्यूबर और शिक्षक फैजल खान उर्फ खान सर को फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही है। गुरुवार, 25 जून 2026 को पटना के प्रधान जिला जज की अदालत में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी, जिसे अब 27 जून 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। अदालत ने इस मामले में पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए अधूरी केस डायरी जमा करने पर नाराजगी व्यक्त की और इसे दोबारा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। तब तक खान सर की गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक जारी रहेगी।
अदालत में क्या हुआ?
मिली जानकारी के मुताबिक, सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़ी केस डायरी अदालत के समक्ष पेश की। हालांकि, अदालत ने पाया कि डायरी अधूरी थी और उसमें जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य शामिल नहीं थे। इस पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने कदमकुआं थाना पुलिस को केस डायरी को पूरा कर शनिवार, 27 जून को होने वाली अगली सुनवाई में पेश करने का सख्त आदेश दिया है। खान सर के वकील अरविंद कुमार मौअर ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि अदालत द्वारा केस डायरी को अपडेट करने की मांग की गई है। इस कानूनी प्रक्रिया के चलते खान सर की गिरफ्तारी पर लगी रोक अगली सुनवाई तक बढ़ा दी गई है।
क्या है पूरा विवाद और पुलिस के आरोप?
यह पूरा मामला पटना के दो प्रसिद्ध कोचिंग सेंटरों, खान ग्लोबल इंस्टीच्यूट और ज्ञान बिंदु एकेडमी के बीच व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता से उपजा है। पुलिस में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, इस विवाद ने 02 जून 2026 की रात को हिंसक रूप ले लिया।
- पथराव और मारपीट: आरोप है कि 02 जून की रात करीब 10 बजे, ज्ञान बिंदु एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद सर के सहयोगी अभिषेक और गौरव ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर खान सर के खान ग्लोबल इंस्टीच्यूट पर पथराव किया। इस दौरान वहां मौजूद गार्ड के साथ मारपीट भी की गई, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
- कथित गोलीबारी: इस वारदात के कुछ देर बाद, खान सर के कोचिंग सेंटर के पास गोलीबारी की एक और घटना हुई। इसका भी एक वीडियो सामने आया, जिसने मामले को और गंभीर बना दिया। इस मामले में कदमकुआं थाने में कांड संख्या 418/2026 के तहत 04 जून 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि गोलीबारी खान सर के बॉडीगार्ड्स ने की थी। पुलिस ने जब दोनों बॉडीगार्ड्स को गिरफ्तार कर पूछताछ की, तो उन्होंने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उन्होंने खान सर के कहने पर ही फायरिंग की थी। पुलिस ने अपनी केस डायरी में दावा किया है कि यह गोली आत्मरक्षा में नहीं, बल्कि इलाके में दहशत फैलाने और दूसरे पक्ष को डराने के इरादे से चलाई गई थी। इसी आधार पर पुलिस ने खान सर पर हत्या का प्रयास और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
दोनों पक्षों के अपने-अपने दावे
इस हाई-प्रोफाइल मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। एक तरफ जहां पुलिस खान सर को इस वारदात का कथित साजिशकर्ता बता रही है, वहीं दूसरी ओर रौशन आनंद के पक्ष ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है।
पुलिस का पक्ष: अभियोजन पक्ष का कहना है कि खान सर ने अपने बॉडीगार्ड्स को फायरिंग के लिए उकसाया ताकि दूसरे पक्ष पर दबाव बनाया जा सके। पुलिस इसे आत्मरक्षा का मामला न मानकर, वर्चस्व की लड़ाई में किया गया एक आपराधिक कृत्य मान रही है।
रौशन आनंद के वकील का दावा: वहीं, रौशन आनंद के वकील राघव कुमार का कहना है कि उनके मुवक्किलों अभिषेक और गौरव पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। उनका तर्क है कि उन पर धारा 109 (उकसाने) का मामला नहीं बनता है और इस पूरी घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ है। बता दें कि रौशन आनंद को इस मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी है।
अब सभी की निगाहें 27 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जब पुलिस अपनी पूरी केस डायरी अदालत में पेश करेगी। उसी के आधार पर अदालत यह तय करेगी कि खान सर को अग्रिम जमानत दी जाए या नहीं।



