अमेरिका-ईरान समझौते को ओमान का समर्थन, होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर कोई पारगमन शुल्क नहीं
मस्कट, 25 जून। ओमान ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) का पूर्ण समर्थन किया है और साथ ही यह भी स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर किसी प्रकार का पारगमन शुल्क (ट्रांजिट फीस) नहीं लगाया जाएगा।
यह घोषणा ओमान के विदेश मंत्री सैयद बदर बिन हमद अल बुसैदी ने बहरीन में आयोजित खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) और अमेरिका की संयुक्त मंत्रिस्तरीय बैठक में की। गुरुवार को ओमान की सरकारी समाचार एजेंसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी पुष्टि की।
क्षेत्र में शांति के लिए महत्वपूर्ण कदम
ओमानी समाचार एजेंसी की पोस्ट में कहा गया, "ओमान सल्तनत ने अमेरिका और ईरान के बीच संपन्न हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को अपना पूरा समर्थन दिया है और कहा है कि इसके उद्देश्यों की प्राप्ति क्षेत्र में वांछित शांति स्थापित करने, होर्मुज में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने और वहां सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।"
विदेश मंत्री अल बुसैदी ने बैठक के दौरान कहा कि होर्मुज से सटे देश होने के नाते ओमान पर समुद्री नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का समर्थन करने की विशेष जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि ओमान यह दायित्व अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के समुद्री कानून संबंधी सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) के तहत अपने दायित्वों के अनुरूप निभा रहा है।
पारगमन शुल्क नहीं लगेगा
विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि होर्मुज से संबंधित भविष्य की किसी भी व्यवस्था में जहाजों के आवागमन पर किसी प्रकार का पारगमन शुल्क लगाने का कोई प्रावधान नहीं होगा।
उल्लेखनीय है कि बर्गेनस्टॉक वार्ता के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो खाड़ी देशों के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। गुरुवार को वे बहरीन पहुंचे और वहीं जीसीसी-अमेरिका संयुक्त मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लिया।
इनपुट: IANS


