जबरन वसूली का मामला: तृणमूल के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता को कलकत्ता हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत
तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता को एक पुराने जबरन वसूली के मामले में बड़ी राहत मिली है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को उन्हें कुछ शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दे दी। दत्ता को इसी साल 8…
तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता को एक पुराने जबरन वसूली के मामले में बड़ी राहत मिली है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को उन्हें कुछ शर्तों के साथ अंतरिम जमानत दे दी। दत्ता को इसी साल 8 जून को गिरफ्तार किया गया था।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस चैताली चट्टोपाध्याय की सिंगल-जज बेंच ने दत्ता को जमानत देते हुए यह निर्देश दिया है कि वे जांच की पूरी अवधि के दौरान जांच अधिकारी के साथ पूरा सहयोग करेंगे। दत्ता को 2018 के एक मामले में बिधाननगर-नॉर्थ पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसमें एक स्थानीय व्यवसायी ने उन पर 1 करोड़ रुपये की जबरन वसूली का आरोप लगाया था।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता व्यवसायी ने आरोप लगाया था कि सब्यसाची दत्ता ने अपने लोगों को पैसे वसूलने के लिए भेजा था। वह केवल 2.30 लाख रुपये ही दे सका, जिसके बाद बाकी की रकम चुकाने के लिए उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इस मामले में पुलिस ने गिरफ्तारी के 57 दिन बाद 5 अगस्त को उत्तर 24 परगना जिले की बारासात अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। दत्ता हालांकि शुरू से ही अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार करते रहे हैं।
पुलिस के बाद ED ने भी शुरू की थी जांच
राज्य पुलिस की जांच के बाद, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में अपनी जांच शुरू की थी। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत एक एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ECIR) दर्ज की और दत्ता से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी और तलाशी अभियान भी चलाए।
दिलचस्प है कि दत्ता को यह जमानत उसी दिन मिली, जब जस्टिस तीर्थंकर बोस की एक अन्य बेंच ने करोड़ों रुपये के नगर पालिका नौकरी घोटाले में गिरफ्तार राज्य के पूर्व मंत्री सुजीत बोस की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। सुजीत बोस को ईडी ने इस साल की शुरुआत में गिरफ्तार किया था।
इनपुट: IANS



