बर्दवान में साइबर फ्रॉड: 28 खातों में मिले ₹7 लाख, 60 से ज़्यादा मामलों से जुड़े तार, चार गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के बर्दवान जिले में एक बड़े साइबर धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर लोगों से लाखों रुपये ठगने का आरोप है। समाचार एजेंसी IANS…
पश्चिम बंगाल के बर्दवान जिले में एक बड़े साइबर धोखाधड़ी रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर लोगों से लाखों रुपये ठगने का आरोप है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के मुताबिक, ये गिरफ्तारियां बुधवार को एक खास सूचना के आधार पर की गईं।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान बिजोय देबनाथ, शिवम बिस्वास, तरुणजीत देबनाथ और शुभो बाला के रूप में हुई है। ये सभी पूर्वी बर्दवान जिले के नादानघाट थाना क्षेत्र के चंपाहाटी और हाटशिमाला इलाके के रहने वाले हैं।
जांच में हुए अहम खुलासे
जांच अधिकारियों को अब तक 28 संदिग्ध बैंक खाते मिले हैं, जिनमें धोखाधड़ी से कमाए गए लगभग 7 लाख रुपये जमा किए गए थे। शुरुआती जांच से पता चला है कि ये खाते 60 से ज़्यादा साइबर धोखाधड़ी के मामलों से जुड़े हुए हैं। राज्य के साइबर अपराध अधिकारियों ने बर्दवान साइबर पुलिस स्टेशन को एक रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें इन संदिग्ध लेन-देनों की जानकारी दी गई थी। ये लेन-देन नादानघाट के समुद्रगढ़ में नसरातपुर स्थित एक सरकारी बैंक की रेल बाजार शाखा के कुछ खातों में हुए थे।
फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के काम करने का तरीका भी सामने आया है। जांच में छह पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) एजेंटों के नाम सामने आए हैं, जो नकली दस्तावेजों के आधार पर सिम कार्ड जारी करते थे। अधिकारियों को ऐसे 268 संदिग्ध मोबाइल नंबर भी मिले हैं। इन्हीं सिम कार्डों का इस्तेमाल कॉल, एसएमएस, निवेश धोखाधड़ी और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी तरकीबों के जरिए लोगों को ठगने के लिए किया जाता था।
पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज किया है और अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि संदिग्ध खाते किसके नाम पर खोले गए थे, पैसा किसने निकाला और उसे कहां इस्तेमाल किया गया। पुलिस इस बड़े घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।
इनपुट: IANS



