पाकिस्तानी जासूसी कांड: ISI एजेंट वहाब आलम का तीसरा सहयोगी भी बंगाल STF की गिरफ्त में
पश्चिम बंगाल में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े संदिग्ध जासूसी नेटवर्क पर राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का शिकंजा कसता जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, STF ने हाल ही में…
पश्चिम बंगाल में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े संदिग्ध जासूसी नेटवर्क पर राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का शिकंजा कसता जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, STF ने हाल ही में गिरफ्तार पाकिस्तानी नागरिक वहाब आलम के तीसरे स्थानीय सहयोगी को भी दबोच लिया है। इस नई गिरफ्तारी के बाद मामले में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी सक्रिय हो गई है।
पकड़े गए तीसरे सहयोगी की पहचान पूर्वी कोलकाता के टॉपसिया निवासी जफर साम्स उर्फ सनी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अगस्त महीने में उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा से वहाब आलम की गिरफ्तारी के बाद से ही सनी फरार चल रहा था। STF ने आखिरकार उसे हुगली जिले के ऋषड़ा इलाके से गिरफ्तार कर लिया, हालांकि पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के समय का खुलासा नहीं किया है।
जासूसी नेटवर्क में सनी की भूमिका
जांच अधिकारियों को संदेह है कि सनी की भूमिका भारत से गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान भेजने के लिए वहाब आलम द्वारा तैयार किए जा रहे स्लीपर सेल को मजबूत करने में थी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि सनी ने आलम के नेटवर्क को फैलाने में क्या भूमिका निभाई।" फिलहाल STF की टीम सनी से पूछताछ कर उससे वहाब आलम की गतिविधियों के बारे में और जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।
अब तक की गिरफ्तारियां और NIA की एंट्री
इस मामले में सनी से पहले STF ने वहाब आलम के दो और सहयोगियों को गिरफ्तार किया था। इनमें आलम का सबसे करीबी मोहम्मद एजाज और दूसरा इमरान हुसैन शामिल है, दोनों ही टॉपसिया के रहने वाले हैं। आरोप है कि 2012 में नेपाल के रास्ते अवैध रूप से बंगाल में घुसने के बाद वहाब आलम, एजाज के घर पर ही रुका था और एजाज ने ही उसे भारतीय पहचान पत्र हासिल करने में मदद की थी। STF को सनी के बारे में सुराग आलम, एजाज और इमरान से हुई पूछताछ के बाद ही मिला था।
दूसरी तरफ, इस मामले के तार ISI से जुड़ने के संकेत मिलने के बाद अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी जांच शुरू कर दी है। NIA ने बंगाल STF से अब तक की जांच का ब्योरा मांगा है और जल्द ही वहाब आलम व मोहम्मद एजाज से पूछताछ कर सकती है। जरूरत पड़ने पर इमरान और सनी से भी सवाल-जवाब किए जाएंगे।
गौरतलब है कि 14 अगस्त की रात STF ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर कूचबिहार जिले के साहेबगंज से तीन अन्य संदिग्ध पाकिस्तानी जासूसों को भी गिरफ्तार किया था, जिनकी पहचान राशिदुल हक, नूर नासिरुद्दीन अली और शफीकुल इस्लाम के रूप में हुई है। ये तीनों भारतीय नागरिक हैं।
इनपुट: IANS



