बांग्लादेश: हिंदू महिला अधिकार कार्यकर्ता शम्पा गोस्वामी को निशाना बनाने पर मानवाधिकार संगठन ने चिंता जताई
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की महिला अधिकार कार्यकर्ता शम्पा गोस्वामी के खिलाफ कथित तौर पर चल रहे 'उत्पीड़न अभियान' पर एक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने गंभीर चिंता जताई है। समाचार एजेंसी IANS के…
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की महिला अधिकार कार्यकर्ता शम्पा गोस्वामी के खिलाफ कथित तौर पर चल रहे 'उत्पीड़न अभियान' पर एक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने गंभीर चिंता जताई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, डबलिन स्थित संस्था 'फ्रंट लाइन डिफेंडर्स' (FLD) ने चेतावनी दी है कि यह उत्पीड़न गोस्वामी के लिंग और उनकी अल्पसंख्यक पहचान से जुड़ा हुआ है।
यह घटनाक्रम बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और भेदभाव के व्यापक माहौल के बीच हो रहा है। फ्रंट लाइन डिफेंडर्स ने बांग्लादेशी अधिकारियों द्वारा शम्पा गोस्वामी पर लगाए गए यात्रा प्रतिबंध और गृह मंत्रालय द्वारा उनके विरुद्ध पुलिस जांच के आदेश की विशेष रूप से निंदा की है।
यात्रा पर रोक और जांच के आदेश
शम्पा गोस्वामी, जो सतखीरा जिले में महिलाओं के नेतृत्व वाले संगठन 'प्रेरणा' की प्रमुख हैं, को इसी साल 21 अगस्त को हवाई अड्डे पर रोक दिया गया था। यात्रा प्रतिबंध के कारण उन्हें एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए इंडोनेशिया के बाली जाने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद, उन्होंने 20 सितंबर को इस प्रतिबंध को बांग्लादेश उच्च न्यायालय में चुनौती देते हुए एक रिट याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई का इंतजार है।
मानवाधिकार संगठन ने बताया कि 28 सितंबर को गोस्वामी को एक पत्र मिला, जिसमें सूचित किया गया कि गृह मंत्रालय ने पुलिस महानिरीक्षक (IGP) को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और फंड के दुरुपयोग के आरोपों की जांच करने का आदेश दिया है। FLD के मुताबिक, ये कदम गोस्वामी, उनके परिवार और उनके संगठन 'प्रेरणा' के खिलाफ "बदनाम करने, परेशान करने और प्रशासनिक बाधाएं खड़ी करने के लगातार चल रहे अभियान" का हिस्सा हैं।
निष्पक्ष जांच और सुरक्षा की मांग
फ्रंट लाइन डिफेंडर्स ने इन हमलों को लिंग-आधारित बताते हुए कहा कि यह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे भेदभाव को दर्शाता है, जहाँ हिंदू, अहमदिया मुस्लिम और आदिवासी समूहों को लगातार ऐसे व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन ने बांग्लादेश सरकार से शम्पा गोस्वामी पर लगी यात्रा पाबंदी को तत्काल हटाने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया है कि गोस्वामी, उनकी बेटियों और 'प्रेरणा' के कर्मचारियों को मिल रही धमकियों, जबरन वसूली के प्रयासों और ऑनलाइन उत्पीड़न की तुरंत, गहन और निष्पक्ष जांच की जाए। FLD ने मांग की कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार दंडित किया जाना चाहिए।
इनपुट: IANS



