GDP आंकड़ों में हेरफेर का आरोप खारिज, सरकार ने बताया- आधार वर्ष बदलने से आया अंतर
केंद्र सरकार ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि मौजूदा जीडीपी वृद्धि दर को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के लिए पिछले साल के आंकड़ों में जानबूझकर कमी की गई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम…
केंद्र सरकार ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि मौजूदा जीडीपी वृद्धि दर को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के लिए पिछले साल के आंकड़ों में जानबूझकर कमी की गई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह अंतर जीडीपी मापने के लिए आधार वर्ष (Base Year) में हुए बदलाव के कारण आया है, न कि किसी तरह के हेरफेर की वजह से।
दरअसल, कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि अगर पिछले वित्त वर्ष (2025-26) की पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़े को संशोधित कर 86 लाख करोड़ रुपये से घटाकर 80 लाख करोड़ रुपये नहीं किया जाता, तो मौजूदा कीमतों पर विकास दर सिर्फ 2.6% रहती। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर इस पूरी गणना को ही गलत बताया।
क्यों गलत है यह तुलना?
मंत्रालय के अनुसार, सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का अनुमान अब एक नई श्रृंखला (New Series) के आधार पर लगाया जा रहा है, जिसका आधार वर्ष 2022-23 है। इसी नई श्रृंखला के तहत, वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही का आंकड़ा 80 लाख करोड़ रुपये बैठता है। जबकि, 86 लाख करोड़ रुपये का पुराना आंकड़ा 2011-12 के आधार वर्ष वाली पुरानी श्रृंखला का हिस्सा था। सरकार का कहना है कि दो अलग-अलग आधार वर्ष वाले आंकड़ों की एक-दूसरे से तुलना करना सही नहीं है। सही तुलना केवल नई श्रृंखला के आंकड़ों के बीच ही हो सकती है।
कैसे तैयार होते हैं तिमाही जीडीपी अनुमान?
बयान में समझाया गया है कि तिमाही जीडीपी का अनुमान 'बेंचमार्क-इंडिकेटर' पद्धति से लगाया जाता है। इसमें 100 से भी ज़्यादा उच्च-आवृत्ति वाले संकेतकों (High-Frequency Indicators) का इस्तेमाल होता है। इन संकेतकों में फसल उत्पादन, सीमेंट उत्पादन, स्टील की खपत और कमर्शियल वाहनों की बिक्री जैसे कई आंकड़े शामिल होते हैं। मंत्रालय ने ज़ोर देकर कहा कि पिछले साल के बेंचमार्क में बदलाव केवल गणना के तरीके में हुए संशोधन को दर्शाता है। इसका यह मतलब नहीं है कि चालू वर्ष की आर्थिक गतिविधियों को कृत्रिम रूप से बढ़ा दिया गया है।
इनपुट: IANS



