बैंक ऑफ बड़ौदा: एकमुश्त घाटे से पहली तिमाही का मुनाफा 72% गिरा, फिर भी ब्याज से कमाई बढ़ी
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एक बड़े एकमुश्त घाटे का सामना करना पड़ा, जिससे उसका शुद्ध मुनाफा लगभग 72% घट गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट…
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एक बड़े एकमुश्त घाटे का सामना करना पड़ा, जिससे उसका शुद्ध मुनाफा लगभग 72% घट गया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल से जून 2026 की अवधि में बैंक का नेट प्रॉफिट 1,278 करोड़ रुपए रहा, जबकि पिछले साल इसी दौरान यह 4,541 करोड़ रुपए था।
मुनाफे में इस भारी गिरावट की मुख्य वजह तिमाही के दौरान हुआ 5,680 करोड़ रुपए का एकमुश्त घाटा (one-time loss) रहा। हालांकि, इस झटके के बावजूद बैंक का मुख्य परिचालन प्रदर्शन मजबूत बना रहा और उसकी ब्याज से होने वाली आय में अच्छी-खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
ब्याज से होने वाली आय में मजबूती
बैंक द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, उसकी शुद्ध ब्याज आय (Net Interest Income - NII) सालाना आधार पर 9.5% बढ़कर 12,525 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 11,435 करोड़ रुपए थी। बैंक ने बताया कि कर्ज वितरण में लगातार बढ़ोतरी के कारण उसकी NII में यह वृद्धि हुई है। इसी तरह, बैंक की कुल ब्याज आय भी 6.8% बढ़कर 33,211 करोड़ रुपए हो गई, जो एक साल पहले 31,091 करोड़ रुपए थी।
एसेट क्वालिटी और प्रोविजनिंग
हालांकि, मुनाफे और ब्याज आय के अलावा बैंक की संपत्ति की गुणवत्ता (Asset Quality) में मामूली गिरावट देखने को मिली। जून के अंत तक बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) बढ़कर 1.99% हो गया, जो मार्च तिमाही के अंत में 1.89% था। इसी तरह, नेट एनपीए (NNPA) भी 0.45% से बढ़कर 0.50% हो गया।
इसके बावजूद, एक सकारात्मक संकेत यह रहा कि बैंक ने अपने प्रोविजन (डूबे कर्ज के लिए रखी जाने वाली राशि) में भारी कमी की है। पहली तिमाही में कुल प्रोविजन घटकर सिर्फ 643 करोड़ रुपए रह गया, जबकि पिछली तिमाही में यह 3,150 करोड़ रुपए और एक साल पहले की समान तिमाही में 1,967 करोड़ रुपए था। बैंक के अनुसार, प्रोविजन में यह कमी बेहतर क्रेडिट कॉस्ट की ओर इशारा करती है। वहीं, तिमाही के लिए टैक्स और प्रोविजन से पहले बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 8,127 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल के 8,236 करोड़ रुपए के मुकाबले थोड़ा ही कम है।
इनपुट: IANS



