बांग्लादेश संकट: अवामी लीग ने अगस्त 2024 के बाद गंभीर आर्थिक और मानवीय हालात का लगाया आरोप
बांग्लादेश की अवामी लीग पार्टी ने देश में अगस्त 2024 के बाद से उपजे एक गंभीर मानवीय संकट पर चिंता जताई है। पार्टी का आरोप है कि राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक दबाव और जलवायु आपदाओं के मिले-जुले असर ने देश…
बांग्लादेश की अवामी लीग पार्टी ने देश में अगस्त 2024 के बाद से उपजे एक गंभीर मानवीय संकट पर चिंता जताई है। पार्टी का आरोप है कि राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक दबाव और जलवायु आपदाओं के मिले-जुले असर ने देश को एक गहरे संकट में धकेल दिया है, जिसका सबसे ज़्यादा प्रभाव महिलाओं, बच्चों और श्रमिकों पर पड़ रहा है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अवामी लीग ने विभिन्न क्षेत्रों के आंकड़ों का हवाला देते हुए देश की मौजूदा स्थिति पर एक विस्तृत तस्वीर पेश की है। पार्टी के अनुसार, राजनीतिक अस्थिरता और जलवायु संबंधी घटनाओं के कारण लगभग 3.3 करोड़ बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है। इसके अलावा, बच्चों के अपहरण से जुड़ी लगभग 15,000 जनरल डायरी केवल 2024 में राजनीतिक बदलाव के बाद के सात महीनों में दर्ज की गईं, जो एक बड़ी चिंता का विषय है।
औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी गिरावट
अवामी लीग ने दावा किया है कि देश के औद्योगिक क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ है। परिधान (गारमेंट) इकाइयों सहित 500 से अधिक बड़े निर्यात-उन्मुख कारखाने बंद हो चुके हैं, जिनमें से 300 से ज़्यादा अक्टूबर 2024 तक ही बंद हो गए थे। इसके चलते गारमेंट निर्यात से होने वाली आय लगभग 42 अरब डॉलर से घटकर 37 अरब डॉलर रह गई, जो करीब 12 प्रतिशत की गिरावट है।
इस औद्योगिक संकट का सीधा असर रोज़गार पर पड़ा है, जिससे लगभग 15 लाख श्रमिकों की नौकरियां चली गईं। पार्टी ने बताया कि अकेले बैक्सिम्को समूह में ही करीब 40,000 कर्मचारियों की छंटनी हुई। संकट केवल गारमेंट उद्योग तक सीमित नहीं है; चमड़ा उद्योग की 80 फैक्ट्रियां और ढाका के सिरेमिक उद्योग की 100 से अधिक उत्पादन इकाइयां भी बंद या निष्क्रिय हो चुकी हैं।
महिलाओं और स्वास्थ्य पर असर
औद्योगिक गिरावट का सबसे ज़्यादा असर महिलाओं पर पड़ा है। अवामी लीग के अनुसार, गारमेंट उद्योग के कुल कार्यबल में लगभग 80% महिलाएं हैं, लेकिन नौकरी गंवाने वालों में उनका हिस्सा करीब 90% है। इससे महिलाओं के रोज़गार और परिवारों की आर्थिक सुरक्षा पर गंभीर दबाव पड़ा है।
स्वास्थ्य के मोर्चे पर, खसरे (मीजल्स) का प्रकोप एक बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट के रूप में उभरा है। यह बीमारी देश के सभी 64 जिलों में फैल चुकी है। पार्टी ने कहा कि नियमित टीकाकरण का दायरा हर साल 4 से 5 प्रतिशत अंक घट रहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंगलवार को खसरे से छह और बच्चों की मौत के बाद इस साल कुल मौतों का आंकड़ा (संदिग्ध और पुष्ट) 979 तक पहुंच गया है।
राजनीतिक गिरफ्तारियां और अन्य चुनौतियां
पार्टी ने राजनीतिक गिरफ्तारियों को भी एक गंभीर मुद्दा बताया है। दावा किया गया है कि अकेले ढाका में 707 मामलों में 5,079 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, विपक्षी दलों का राष्ट्रीय स्तर पर आरोप है कि 4 लाख से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि नवंबर 2025 तक करीब 30,000 लोग हिरासत में थे। अवामी लीग ने यह भी आरोप लगाया कि जलवायु संबंधी आपदाओं ने संकट को और गहरा कर दिया है, क्योंकि स्थानीय प्रशासनिक ढांचे के कमजोर होने से आपदा रोकथाम की व्यवस्था प्रभावित हुई है।
इनपुट: IANS



