गुरूवार, 3 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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बांग्लादेश में डेंगू का कहर जारी, मृतकों की संख्या 100 पार, विशेषज्ञ ने अक्टूबर तक मामले बढ़ने की चेतावनी दी

बांग्लादेश इस समय डेंगू के गंभीर प्रकोप का सामना कर रहा है, जहाँ इस मच्छर जनित बीमारी से मरने वालों की कुल संख्या 107 तक पहुँच गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को समाप्त हुए 24…

बांग्लादेश में डेंगू का कहर जारी, मृतकों की संख्या 100 पार, विशेषज्ञ ने अक्टूबर तक मामले बढ़ने की चेतावनी दी
(फोटो: IANS)

बांग्लादेश इस समय डेंगू के गंभीर प्रकोप का सामना कर रहा है, जहाँ इस मच्छर जनित बीमारी से मरने वालों की कुल संख्या 107 तक पहुँच गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को समाप्त हुए 24 घंटों में देश भर में डेंगू से कम से कम पाँच और लोगों की मौत की पुष्टि हुई।

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स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) द्वारा जारी आँकड़ों के मुताबिक, इसी अवधि में 1,110 नए मरीज़ों को अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। हालिया मौतें ढाका नॉर्थ सिटी कॉर्पोरेशन (डीएनसीसी), मयमनसिंह और बरिशाल डिवीजनों में दर्ज की गईं। यह स्थिति देश में एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन गई है, जो मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी मच्छर के कारण फैलती है।

अगस्त में बिगड़े हालात

बांग्लादेश में साल 2000 में पहली बार बड़े पैमाने पर डेंगू फैला था, और उसके बाद से इस साल अगस्त का महीना तीसरा सबसे घातक साबित हुआ है। द डेली स्टार अख़बार की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले महीने यानी अगस्त में डेंगू से जुड़ी 43 मौतें हुईं और 20,536 लोगों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। यह पिछले 26 वर्षों में मामलों और मौतों, दोनों के लिहाज़ से तीसरा सबसे ज़्यादा प्रभावित महीना रहा।

विशेषज्ञों की चिंता और सुझाव

जहांगीरनगर विश्वविद्यालय में प्राणीशास्त्र के प्रोफेसर कबीरुल बशर ने आशंका जताई है कि डेंगू के मामलों में यह बढ़ोतरी अक्टूबर तक जारी रह सकती है। उन्होंने अधिकारियों से मोहल्ला स्तर पर प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करने और मच्छर नियंत्रण, सामुदायिक जागरूकता अभियान तथा त्वरित कार्रवाई जैसे उपायों को तेज़ करने का आग्रह किया है। वहीं, कीटविज्ञानी जीएम सैफुर रहमान ने कहा कि देश भर में मच्छर-रोधी अभियानों की कमी के कारण अगले दो महीनों में मामलों में और वृद्धि का जोखिम है।

शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर एचएम नजमुल अहसान ने बताया कि डेंगू से होने वाली मौतों के पीछे मरीज़ की स्थिति, वायरस का प्रकार और इलाज की गुणवत्ता जैसे कई कारक होते हैं। उन्होंने कहा, “जब तक मरीज़ सरकारी आपातकालीन विभाग तक पहुँचते हैं, तब तक कुछ लोगों का रक्तचाप बेहद कम या न के बराबर हो जाता है।”

इनपुट: IANS

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