जिम्बाब्वे नौका हादसा: 94 लोगों की मौत, अफ्रीकी संघ ने जताया दुख, जांच के आदेश
जिम्बाब्वे की लेक करिबा में हुए नौका हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 94 हो गई है। इस दुखद घटना के बाद अफ्रीकी संघ (एयू) आयोग के अध्यक्ष महमूद अली यूसुफ ने जिम्बाब्वे की सरकार और लोगों के प्रति…
जिम्बाब्वे की लेक करिबा में हुए नौका हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 94 हो गई है। इस दुखद घटना के बाद अफ्रीकी संघ (एयू) आयोग के अध्यक्ष महमूद अली यूसुफ ने जिम्बाब्वे की सरकार और लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यूसुफ ने कहा कि दुख की इस घड़ी में उनकी प्रार्थनाएं पीड़ित परिवारों और हादसे में बचे लोगों के साथ हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में उन्होंने कहा, "मैं उनके लिए हिम्मत, सांत्वना और इस गहरे दुख से उबरने की शक्ति की कामना करता हूं।" उन्होंने यह भी कहा कि अफ्रीकी संघ इस मुश्किल समय में जिम्बाब्वे के लोगों और प्रभावित समुदायों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है।
क्षमता से अधिक भार और मौसम की चेतावनी को किया गया नजरअंदाज
जिम्बाब्वे सरकार ने इस हादसे की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। कार्यवाहक सूचना मंत्री मोनिका मुत्स्वांगवा के अनुसार, शुरुआती जांच से पता चला है कि 11 अगस्त को जब यह नौका पलटी, तो उसमें उसकी क्षमता से कहीं अधिक, लगभग 180 यात्री और सामान लदा हुआ था। उन्होंने बताया कि मौसम विभाग ने पहले ही तेज लहरों की चेतावनी जारी करते हुए झील में नाव न चलाने की सलाह दी थी, जिसे नजरअंदाज कर दिया गया।
स्थानीय सरकार और लोक निर्माण मंत्री डैनियल गार्वे ने इस दुर्घटना के लिए सीधे तौर पर मानवीय भूल और नाव के कप्तान की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, उन्होंने उन अटकलों को खारिज कर दिया कि नाव चलने लायक नहीं थी, और पुष्टि की कि उसके पास परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी किया गया वैध फिटनेस सर्टिफिकेट था। कैबिनेट ने इस बात की पूरी जांच को मंजूरी दे दी है कि कप्तान ने किन परिस्थितियों में सुरक्षा नियमों और चेतावनियों की अनदेखी की।
बचाव कार्य और लापता लोगों की स्थिति
यह हादसा तेज लहरों की चपेट में आने से हुआ। मंगलवार तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस दुर्घटना में 77 यात्रियों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है, जबकि 94 शव बरामद किए गए हैं। शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, 10 से भी कम लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनके नाव पर होने की पुष्टि उनके रिश्तेदारों ने की थी। बचाव और खोज अभियान जारी है।
इनपुट: IANS



