टेरर फंडिंग मामला: बंगाल में तृणमूल नेता के घर और मदरसे पर यूपी ATS की छापेमारी
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में एक स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता के घर और एक मदरसे पर उत्तर प्रदेश के आतंकवाद-रोधी दस्ते (UP ATS) ने छापा मारा है। यह कार्रवाई कथित तौर पर आतंकी फंडिंग से जुड़े
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में एक स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेता के घर और एक मदरसे पर उत्तर प्रदेश के आतंकवाद-रोधी दस्ते (UP ATS) ने छापा मारा है। यह कार्रवाई कथित तौर पर आतंकी फंडिंग से जुड़े एक मामले की जांच के सिलसिले में की गई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यूपी एटीएस के अधिकारियों ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के साथ मिलकर गुरुवार को यह तलाशी अभियान चलाया।
यह छापेमारी जिले के हसनाबाद ब्लॉक स्थित रामेश्वरपुर गांव में स्थानीय टीएमसी नेता अब्दुल्ला गाजी के घर और रामेश्वरपुर दारुल उलूम मदरसे पर केंद्रित थी। जांचकर्ताओं को संदेह है कि गाजी और उनके बेटे के बैंक खातों में विदेश से बड़ी रकम भेजी गई थी। बताया गया है कि यह पैसा मदरसे के निर्माण और विस्तार के लिए था।
पुराना मामला, नई छापेमारी
सूत्रों ने बताया कि यह कोई नया मामला नहीं है। इसी तरह के आरोपों में यूपी एटीएस ने दो साल पहले भी अब्दुल्ला गाजी को गिरफ्तार किया था और मामले की जांच जारी थी। जांचकर्ताओं को इस मामले से जुड़े कुछ नए दस्तावेज मिले, जिसके बाद यह ताजा छापेमारी की गई।
एटीएस को शक है कि मदरसे के लिए अनुदान के नाम पर जुटाई गई विदेशी धनराशि का इस्तेमाल घोषित उद्देश्य के लिए नहीं किया गया। जांच में यह बात सामने आई है कि पैसे को शेल कंपनियों के नेटवर्क के जरिए कहीं और भेज दिया गया। अधिकारियों को यह भी अंदेशा है कि इस फंड का एक हिस्सा आतंकी गतिविधियों के वित्तपोषण (टेरर फाइनेंसिंग) में इस्तेमाल हुआ हो सकता है।
छापेमारी के दौरान आरोपी फरार
जब जांच टीम अब्दुल्ला गाजी के घर पहुंची, तो वह और उनका बेटा दोनों वहां मौजूद नहीं थे और फरार पाए गए। खबर लिखे जाने तक तलाशी अभियान जारी था और अधिकारी गाजी के घर से मिले दस्तावेजों की जांच कर रहे थे।
इसी बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तीन टीमों ने भी बसीरहाट सब-डिविजन के हारोआ इलाके में एक ट्रस्ट, एक शिक्षण संस्थान और एक मदरसे पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। ईडी की यह कार्रवाई व्यवसायी अब्दुस समद से जुड़े बैंक खातों में बड़े विदेशी मुद्रा लेनदेन का पता चलने के बाद की गई।
इनपुट: IANS



