असम: बाढ़ राहत के नाम पर अवैध चंदा वसूली पर मुख्यमंत्री हिमंत सरमा का सख्त रुख़, पुलिस को कार्रवाई के आदेश
असम में हालिया बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के नाम पर चल रही अनधिकृत चंदा वसूली पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को पुलिस को ऐसे सभी धन संग्रह अभियानों…
असम में हालिया बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के नाम पर चल रही अनधिकृत चंदा वसूली पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को पुलिस को ऐसे सभी धन संग्रह अभियानों पर तत्काल रोक लगाने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति या संगठन को सार्वजनिक स्थानों पर वाहनों को रोककर, दान पेटियां रखकर या क्यूआर कोड दिखाकर बाढ़ पीड़ितों के लिए धन जुटाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। यह कदम राज्य के विभिन्न हिस्सों से मिल रही उन शिकायतों के बाद उठाया गया है, जहां ट्रैफिक चौराहों और व्यस्त सार्वजनिक जगहों पर इस तरह से चंदा इकट्ठा किया जा रहा था।
असुविधा और पारदर्शिता पर सवाल
पत्रकारों से बातचीत में सीएम सरमा ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां आम लोगों के लिए असुविधा का कारण बनती हैं और इकट्ठा की गई राशि की पारदर्शिता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, "बाढ़ राहत के नाम पर सार्वजनिक सड़कों पर किसी को भी चंदा इकट्ठा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे अनधिकृत धन संग्रह में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
पुलिस को मिले स्पष्ट निर्देश
मुख्यमंत्री ने बताया कि असम पुलिस को पूरे राज्य में ऐसे मामलों पर नजर रखने और उन्हें तुरंत बंद कराने के लिए पहले ही निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सड़क किनारे दान पेटियां लेकर या क्यूआर कोड के जरिए वाहन चालकों और राहगीरों से पैसे मांगने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने लोगों से भी अपील की है कि वे दान करते समय सतर्कता बरतें और केवल अधिकृत सरकारी चैनलों या विश्वसनीय संस्थाओं के माध्यम से ही सहयोग करें, ताकि सहायता सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे।
उल्लेखनीय है कि असम के कई जिले हाल के हफ्तों में भारी बारिश और बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य प्रशासन और विभिन्न एजेंसियां राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए जनता का सहयोग सराहनीय है, लेकिन यह प्रक्रिया पारदर्शी और कानून के दायरे में होनी चाहिए।
इनपुट: IANS



