अरुणाचल प्रदेश का बड़ा फैसला: 7,834 करोड़ के पैकेज को मंजूरी, शिक्षा, सड़क और बिजली पर रहेगा ज़ोर
अरुणाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के विकास को गति देने के लिए एक बड़े वित्तीय पैकेज को अपनी स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 7,834 करोड़ रुपये के विकास…
अरुणाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के विकास को गति देने के लिए एक बड़े वित्तीय पैकेज को अपनी स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 7,834 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस पैकेज का उद्देश्य राज्य में शासन, शिक्षा, बुनियादी ढांचे और रोजगार से जुड़े सुधारों को लागू करना है, ताकि लोगों का जीवन आसान हो और सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी बेहतर हो सके।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह निवेश मुख्यमंत्री की चार प्रमुख योजनाओं (2026-29) के लिए स्वीकृत किया गया है। यह हाल के वर्षों में पेमा खांडू सरकार द्वारा स्वीकृत सबसे बड़े पैकेजों में से एक है, जिसका लक्ष्य केंद्र और राज्य की योजनाओं को मिलाकर महत्वपूर्ण कमियों को दूर करना है।
बुनियादी ढांचे पर बड़ा निवेश
राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए पैकेज का एक बड़ा हिस्सा आवंटित किया गया है। 'मुख्यमंत्री की व्यापक राज्य सड़क विकास योजना' (सीएमसीएसआरडीपी) के दूसरे चरण के लिए 2,334 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे जिला और उप-विभागीय मुख्यालयों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसके अलावा, उन बस्तियों को हर मौसम में सड़क मुहैया कराने के लिए 2,000 करोड़ रुपये अलग से दिए गए हैं, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के दायरे में नहीं आती हैं। वहीं, बिजली के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए 'मुख्यमंत्री की व्यापक राज्य बिजली विकास कार्यक्रम' के तहत 2,000 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसका लक्ष्य मार्च 2029 तक तकनीकी और वाणिज्यिक घाटे (एटीएंडसी) को 18 प्रतिशत तक कम करना है।
शिक्षा और रोजगार के लिए अहम कदम
कैबिनेट ने 'मिशन शिक्षित अरुणाचल' के दूसरे चरण के लिए 1,500 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। इस राशि का उपयोग स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने, शिक्षकों के प्रशिक्षण को मजबूत करने और सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। रोजगार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसले में, राज्य के सेवानिवृत्त अग्निवीरों के लिए पुलिस, फॉरेस्ट डिपार्टमेंट और अन्य यूनिफॉर्म वाली सेवाओं में कांस्टेबल और समकक्ष पदों पर 20 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दी गई है।
युवाओं और उद्यमियों के लिए योजनाएं
कैबिनेट ने कई ऐसी योजनाओं को भी हरी झंडी दिखाई है जिनका सीधा संबंध युवाओं के कौशल विकास और उद्यमिता से है। 'अरुणाचल ह्यूमन कैपिटल एंड इकोनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन विजन 2036' के तहत 1 लाख युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देने का लक्ष्य है। वहीं, 'एआरयूएन एमएसएमई मिशन' का उद्देश्य हर साल 500 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को फिर से शुरू करने में मदद करना है। इसके साथ ही, सैन्य संस्थानों में प्रवेश की तैयारी कर रहे युवाओं की मदद के लिए 'मुख्यमंत्री फ्रंटियर सैनिक स्कूल स्कॉलरशिप स्कीम' को भी मंजूरी दी गई।
शासन और अन्य क्षेत्रों में सुधार
गवर्नेंस में सुधार के लिए एआई-आधारित ई-एचआरएमएस 2.0 (मानव संपदा) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है, जो सरकारी कर्मचारियों की भर्ती से लेकर सेवानिवृत्ति तक की प्रक्रिया को डिजिटल बनाएगा। इसके अलावा, कैबिनेट ने 'अरुणाचल प्रदेश एपिकल्चर एंड हनी पॉलिसी, 2026' को मंजूरी दी, जिसका लक्ष्य राज्य को पूर्वोत्तर में शहद का एक प्रमुख उत्पादक बनाना है। साथ ही, स्वास्थ्य क्षेत्र में सीएम केयर्स, मिशन सुरक्षा और आयुष्मान आरोग्य शिविर जैसी पहलों को भी स्वीकृति दी गई।
इनपुट: IANS



