सेना की मदद से असम में 30 छात्रों ने पास की NEET परीक्षा, आर्थिक तंगी को दी मात
असम के तिनसुकिया जिले में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 30 प्रतिभाशाली छात्रों ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) 2026 पास कर ली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह सफलता…
असम के तिनसुकिया जिले में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 30 प्रतिभाशाली छात्रों ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET) 2026 पास कर ली है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह सफलता भारतीय सेना के सहयोग से चल रहे एक विशेष कोचिंग कार्यक्रम का नतीजा है, जो इन छात्रों को मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के लिए तैयार करता है। इस कार्यक्रम में कुल 45 छात्र शामिल थे।
यह पहल ‘नेशनल इंटीग्रिटी एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन’ (NIEDO) द्वारा चलाई जाती है, जिसे भारतीय सेना के ‘स्पीयर कॉर्प्स’ के तहत ‘रेड शील्ड डिवीजन’ का समर्थन हासिल है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कमजोर पृष्ठभूमि वाले होनहार छात्रों को मेडिकल क्षेत्र में अपना करियर बनाने के लिए बेहतरीन कोचिंग और मार्गदर्शन मिल सके।
मुफ्त आवासीय कोचिंग की पहल
सेना के अनुसार, इस कार्यक्रम के तहत छात्रों को मुफ्त रहने-खाने और कोचिंग की सुविधा दी जाती है। यह मुफ्त आवासीय कोचिंग कार्यक्रम पिछले कुछ सालों में ऊपरी असम में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरा है। यह कार्यक्रम वंचित छात्रों को देश भर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए प्रतिस्पर्धा करने का समान अवसर प्रदान करता है।
संघर्ष और सफलता की कहानी
सफल उम्मीदवारों में एक प्रेरणादायक उदाहरण रोशन कुजूर का है, जो तिनसुकिया के दिघलतरंग चाय बागान के रहने वाले हैं। उन्होंने NEET 2026 में 402 अंक हासिल किए हैं। रोशन ने कम उम्र में अपने पिता को खो दिया था, जिसके बाद उनके बड़े भाई, जो तिनसुकिया में एक छोटी सी दुकान चलाते हैं, परिवार का सहारा बने। आर्थिक तंगी के बावजूद रोशन ने अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखा और देश की सबसे कठिन प्रवेश परीक्षाओं में से एक को पास किया।
सेना के अधिकारियों ने कहा कि रोशन की कामयाबी उन छात्रों के जज्बे को दर्शाती है जो कड़ी मेहनत और शिक्षा के अवसरों का लाभ उठाकर व्यक्तिगत और आर्थिक चुनौतियों पर विजय प्राप्त करते हैं। उन्होंने छात्रों की इस सफलता का श्रेय उनकी लगन, NIEDO के शिक्षकों के मार्गदर्शन और भारतीय सेना के निरंतर सहयोग को दिया। यह पहल पूर्वोत्तर में सेना के व्यापक सामुदायिक विकास कार्यक्रमों का हिस्सा है।
इनपुट: IANS



