आंध्र प्रदेश आतंकी नेटवर्क: NIA ने विजयवाड़ा में की छापेमारी, विदेशी हैंडलर से जुड़े तार
भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की एक कथित साजिश के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में छापेमारी की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कार्रवाई हाल
भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की एक कथित साजिश के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में छापेमारी की। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह कार्रवाई हाल ही में NIA को सौंपे गए एक मामले के सिलसिले में की गई, जिसमें एक आतंकी नेटवर्क के तार विदेशी हैंडलरों से जुड़े होने के सबूत मिले हैं। एजेंसी की टीम ने शहर के विन्चीपेटा इलाके में तलाशी अभियान चलाया, जिसका मकसद आरोपियों के अन्य संपर्कों का पता लगाना और अतिरिक्त सबूत जुटाना था।
इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें विजयवाड़ा के 23 वर्षीय मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ, 27 वर्षीय एम.डी. दानिश और 23 वर्षीय मिर्जा सोहैल बेग शामिल हैं। इनके अलावा हैदराबाद की 38 वर्षीय सईदा बेगम और कर्नाटक के बेल्लारी निवासी अब्दुल सलाम को भी गिरफ्तार किया गया है।
विदेशी हैंडलर और कट्टरपंथी सोच
जांचकर्ताओं ने पाया है कि यह नेटवर्क एक विदेशी हैंडलर अल-हकीम शुकूर के निर्देशों पर काम कर रहा था। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए उसके संपर्क में आए थे। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उनमें पहले से ही जिहादी सोच थी, जो शुकूर के संपर्क में आने के बाद और मजबूत हो गई। वे भारत में अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) और ISIS की गतिविधियों को फैलाने की कोशिश कर रहे थे। आरोपियों ने शुकूर से कभी व्यक्तिगत मुलाकात नहीं की, सारा संपर्क सोशल मीडिया के माध्यम से ही होता था।
नेटवर्क की खतरनाक योजनाएं
आरोपियों ने 'अल-मलिक इस्लामिक यूथ' नाम से एक समूह बनाया था और वे 'गजवा-ए-हिंद' के लिए काम कर रहे थे। अधिकारियों को दिए बयान के मुताबिक, उनका मकसद भारत को एक इस्लामिक राष्ट्र बनाना और भारतीय तिरंगे की जगह ISIS का झंडा फहराना था। वे युवाओं को आत्मघाती हमलों के लिए भी उकसाने का प्रयास कर रहे थे। विदेशी हैंडलर के निर्देश पर, उन्होंने महिलाओं के लिए एक अलग विंग बनाने की भी योजना बनाई थी, जिसकी प्रमुख सईदा बेगम को बनाया जाना था। उनकी योजना भर्ती किए गए लोगों को स्नाइपर राइफल, बंदूकें और IED बनाने का प्रशिक्षण देकर देश में आतंक फैलाना था।
कैसे हुआ भंडाफोड़?
इस नेटवर्क का खुलासा तब हुआ जब काउंटर इंटेलिजेंस सेल ने सोशल मीडिया पर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। इसके बाद पुलिस ने रहमतुल्लाह शरीफ, दानिश और सोहैल बेग को गिरफ्तार किया। बाद में सईदा बेगम को हैदराबाद से और अन्य को विभिन्न राज्यों से पकड़ा गया। आरोप है कि ये लोग इंस्टाग्राम और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेल रहे थे। विजयवाड़ा टू टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR में कुल 12 आरोपियों के नाम हैं, जो आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, दिल्ली समेत आठ राज्यों के रहने वाले हैं। इन पर UAPA, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और IT एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इनपुट: IANS



