AI क्रांति: 2026 तक वैश्विक IT खर्च $6.37 ट्रिलियन के पार पहुंचने का अनुमान
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी तकनीकों में बढ़ते निवेश के कारण वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी (IT) खर्च में भारी उछाल आने का अनुमान है। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 तक यह खर्च…
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी तकनीकों में बढ़ते निवेश के कारण वैश्विक सूचना प्रौद्योगिकी (IT) खर्च में भारी उछाल आने का अनुमान है। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 तक यह खर्च 6.37 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जो 2025 के मुकाबले 14.2% की बड़ी वृद्धि होगी। समाचार एजेंसी IANS के हवाले से मिली इस जानकारी का स्रोत गार्टनर की रिपोर्ट है, जो बताती है कि यह तेज़ी मुख्य रूप से AI इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लाउड प्लेटफॉर्म और इंटेलिजेंट एप्लिकेशन पर केंद्रित होगी।
गार्टनर के वीपी एनालिस्ट जॉन-डेविड लवलॉक ने कहा, "एआई के लिए आवश्यक कंप्यूट क्षमता तैयार करना मानव इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना है।" उन्होंने आगे बताया कि AI वर्कलोड और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग के चलते हाइपरस्केलर कंपनियाँ और बड़े उद्यम अगली पीढ़ी के डेटा सेंटरों का तेजी से विस्तार कर रहे हैं।
डेटा सेंटर और क्लाउड सेवाओं में सबसे बड़ी छलांग
रिपोर्ट के अनुसार, IT खर्च के दो क्षेत्रों में सबसे तेज़ वृद्धि देखने को मिलेगी। पहला, डेटा सेंटर सिस्टम पर होने वाला खर्च 2025 के 506 अरब डॉलर से 62.5% बढ़कर 2026 में 822 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। दूसरा, इन्फ्रास्ट्रक्चर ऐज ए सर्विस (IaaS) यानी क्लाउड सेवाओं पर खर्च 29.3% बढ़कर 287 अरब डॉलर हो जाएगा। यह उछाल सीधे तौर पर AI और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की बढ़ती मांग से जुड़ा है।
अन्य IT क्षेत्रों का हाल
AI से जुड़े क्षेत्रों की तुलना में पारंपरिक IT सेक्टर में वृद्धि की गति धीमी रहेगी। रिपोर्ट में दिए गए अनुमान इस प्रकार हैं:
- सॉफ्टवेयर: इस पर होने वाला खर्च 15.5% बढ़कर 1.47 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।
- डिवाइस: इस क्षेत्र में करीब 10% की वृद्धि के साथ खर्च 868 अरब डॉलर रहने का अनुमान है।
- IT सेवाएं: इनमें लगभग 5% की बढ़ोतरी होगी, जिससे खर्च 1.57 ट्रिलियन डॉलर हो जाएगा।
- कम्युनिकेशन सेवाएं: यह क्षेत्र 4.4% की दर से बढ़कर 1.35 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचेगा।
रिपोर्ट में इस बात पर भी ध्यान दिलाया गया है कि तकनीकी बजट पर महंगाई, सेमीकंडक्टर और मेमोरी की आपूर्ति में बाधाओं और हार्डवेयर की बढ़ती लागत का दबाव बना हुआ है। इसके बावजूद, AI को लेकर बाज़ार में भरोसा बढ़ा है और कंपनियाँ एंटरप्राइज AI को बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए AI-अनुकूलित सर्वर और सॉफ्टवेयर में भारी निवेश कर रही हैं।
इनपुट: IANS



