अहमदाबाद में त्योहारों पर खाद्य सुरक्षा सख्त: मिठाइयों की मिलावट जांचने के लिए रैपिड टेस्ट किट अनिवार्य
दिवाली के त्योहार को देखते हुए अहमदाबाद में खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने अब मिठाई, मावा और फरसान बेचने वाले बड़े कारोबारियों…
दिवाली के त्योहार को देखते हुए अहमदाबाद में खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया गया है। अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने अब मिठाई, मावा और फरसान बेचने वाले बड़े कारोबारियों के लिए रैपिड टेस्ट किट रखना अनिवार्य कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह नियम उन व्यापारियों पर लागू होगा जिनका वार्षिक कारोबार 5 लाख रुपए से अधिक है। इस कदम का उद्देश्य त्योहारों के दौरान होने वाली मिलावट पर रोक लगाना है।
यह निर्णय गुरुवार को एएमसी की साप्ताहिक बैठक के बाद लिया गया। स्थायी समिति के अध्यक्ष कमलेश पटेल ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि हाल के दिनों में मावे के नाम पर नकली और अखाद्य पदार्थ बेचे जाने के मामले सामने आए थे, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है। नगर निगम ने अपने स्वास्थ्य विभाग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि संबंधित व्यापारी इन किटों को खरीदें और उनका इस्तेमाल करें।
मिलावट जांच और अन्य प्रशासनिक फैसले
क्या है रैपिड टेस्ट किट?
यह किट लगभग 3,000 रुपए की है और इससे मावे में स्टार्च जैसी मिलावट का तुरंत पता लगाया जा सकता है। कमलेश पटेल के अनुसार, अब तक करीब 350 व्यापारी यह किट खरीद चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आम नागरिक भी इस किट का उपयोग खाद्य पदार्थों में मिलावट की शुरुआती जांच के लिए कर सकते हैं।
पानी की बर्बादी पर भी सख्ती
मिलावट पर रोक के अलावा, एएमसी ने पानी की बर्बादी और अवैध कनेक्शनों के खिलाफ भी निरीक्षण अभियान तेज करने का फैसला किया है। कार वॉशिंग सेंटर, पेइंग गेस्ट आवास और लॉजिंग-बोर्डिंग जैसे ज्यादा पानी की खपत वाले प्रतिष्ठानों पर विशेष नजर रखी जाएगी। निरीक्षण के दौरान अवैध कनेक्शन पाए जाने पर उन्हें तुरंत काटा जाएगा और संबंधित लोगों पर कार्रवाई होगी।
हादसों की जांच और शहर के लिए योजनाएं
एसटीपी हादसे की जांच के आदेश
बैठक में पिछले 15 दिनों में शहर में हुए दो हादसों की जांच कराने का भी निर्णय लिया गया, जिसमें एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की घटना भी शामिल है। पटेल ने कहा कि जांच में यह देखा जाएगा कि काम के दौरान सुरक्षा उपकरण और मानकों का पालन हुआ था या नहीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिर्फ ठेकेदारों ही नहीं, बल्कि निगरानी करने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
बच्चों के लिए किड्स सिटी का विस्तार
एएमसी ने कांकड़िया लेकफ्रंट पर स्थित किड्स सिटी के आधुनिकीकरण और विस्तार को भी मंजूरी दी है। यहां बच्चों के लिए चॉकलेट फैक्ट्री, स्पेस एक्सप्लोरेशन सेंटर, 'खेलो इंडिया' स्पोर्ट्स अकादमी, ड्रोन लैब सेंटर और एयरोडायनमिक्स लैब जैसी कई नई सुविधाएं शुरू की जाएंगी।
दिवाली की रोशनी में कटौती
बिजली बचाने के उद्देश्य से इस साल दिवाली पर सार्वजनिक रोशनी सीमित रहेगी। धनतेरस से लाभ पंचम तक केवल सात प्रमुख स्थानों पर ही रोशनी की जाएगी, जिनमें साबरमती नदी पर बने छह पुल और भद्रकाली माता मंदिर शामिल हैं। रोशनी का समय भी शाम 7 बजे से रात 1 बजे तक ही रहेगा, जबकि पिछले सालों में यह पूरी रात होती थी। हालांकि, दिवाली और गुजराती नववर्ष की रात को रोशनी पूरी रात जारी रहेगी।
इनपुट: IANS



