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आंध्र प्रदेश: अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को 8,500 करोड़ का ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट, ग्रीन एनर्जी को मिलेगा बढ़ावा

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) ने आंध्र प्रदेश में एक बड़ा अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट हासिल किया है, जिसकी लागत 8,500 करोड़ रुपए है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस परियोजना का मुख्य…

आंध्र प्रदेश: अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को 8,500 करोड़ का ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट, ग्रीन एनर्जी को मिलेगा बढ़ावा
(फोटो: IANS)

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) ने आंध्र प्रदेश में एक बड़ा अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट हासिल किया है, जिसकी लागत 8,500 करोड़ रुपए है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य विजाग क्षेत्र में उभर रहे ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट्स को बिजली की आपूर्ति करना है, जहाँ बिजली की मांग लगभग 4,500 गीगावाट तक पहुँचने की उम्मीद है।

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यह प्रोजेक्ट टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धात्मक बोली (TBCB) प्रक्रिया के तहत आवंटित किया गया, जिसमें अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस सबसे प्रतिस्पर्धी बोलीदाता के रूप में सामने आई। कंपनी को यह प्रोजेक्ट अगले 30 महीनों के भीतर पूरा करना होगा। इसे 'विजाग पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड' नाम की एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) के तहत विकसित किया जाएगा।

विजाग के विकास में भूमिका

विजाग तेजी से भारत के नए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में विकसित हो रहा है। यहाँ बड़े पैमाने पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हाइपरस्केल डेटा सेंटर बन रहे हैं। इसके अलावा, सबसी कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और क्लीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश बढ़ रहा है। यह नया ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट पेंडुर्थी-विजाग क्षेत्र में बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के साथ-साथ ग्रिड को भी मजबूती देगा।

एईएसएल के सीईओ कंदर्प पटेल ने कहा, "विजाग ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट भारत की अगली पीढ़ी की औद्योगिक वृद्धि के लिए एनर्जी बैकबोन बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। यह आंध्र प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया क्षमता के विकास में मदद करेगा, साथ ही पेंडुर्थी-विजाग क्षेत्र में उभरती डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग के लिए ग्रिड को भी मजबूत करेगा।"

कंपनी का बढ़ता नेटवर्क

इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के नेटवर्क में 1,582 सर्किट किलोमीटर (सीकेएम) की ट्रांसमिशन लाइनें और 10,500 मेगावोल्ट एम्पीयर (एमवीए) की ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता जुड़ जाएगी। इसके साथ ही, कंपनी का कुल ट्रांसमिशन नेटवर्क 29,531 सीकेएम और ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता 1,33,675 एमवीए हो जाएगी, जिससे देश की सबसे बड़ी प्राइवेट ट्रांसमिशन कंपनी के रूप में उसकी स्थिति और मजबूत होगी।

पटेल ने यह भी कहा कि जैसे-जैसे भारत एक साफ-सुथरी और टेक्नोलॉजी आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, "एईएसएल ऐसे मजबूत और भविष्य के लिए तैयार ट्रांसमिशन नेटवर्क बनाने के लिए प्रतिबद्ध है जो बड़े पैमाने पर टिकाऊ विकास को संभव बना सकें।"

इनपुट: IANS

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