गुरूवार, 23 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
अपराध

बेंगलुरु डेकेयर मामला: एक आरोपी न्यायिक हिरासत में, गृह मंत्री ने कहा- 'जीरो टॉलरेंस' नीति

बेंगलुरु के एक डेकेयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ कथित क्रूरता का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले की मुख्य आरोपियों में से ए

बेंगलुरु डेकेयर मामला: एक आरोपी न्यायिक हिरासत में, गृह मंत्री ने कहा- 'जीरो टॉलरेंस' नीति
(फोटो: IANS)

बेंगलुरु के एक डेकेयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ कथित क्रूरता का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले की मुख्य आरोपियों में से एक विजयलक्ष्मी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अदालत के आदेश के बाद उसे बेंगलुरु सेंट्रल जेल में रखा गया है।

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यह पूरा मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर कुछ परेशान करने वाले वीडियो वायरल हुए। इन वीडियो में ब्रूकफील्ड स्थित 'सोसायटी जनरल बेबी केयर सेंटर' के कर्मचारियों को बच्चों के साथ मारपीट और अमानवीय व्यवहार करते हुए दिखाया गया था। शिकायतकर्ता तिलकेश कुमार ने आरोप लगाया है कि बच्चों को पीटा जाता था, बाथरूम में बंद कर दिया जाता था और डराने के लिए वॉशिंग मशीन में भी बैठाया जाता था।

पुलिस की जांच और कार्रवाई

पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर विजयलक्ष्मी को गिरफ्तार किया था। इस मामले में एक और आरोपी को हिरासत में लिया गया है, जिसकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया चल रही है। मंजुला, भवानी, सिंधु और बिंदु समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीमें छापेमारी कर रही हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने घटना को 'गंभीर' और 'जघन्य' बताया है। एचएएल पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और किशोर न्याय अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

सबूतों की तलाश और पूछताछ

जांच के तहत, पुलिस ने डेकेयर की एक पूर्व कर्मचारी सुजाता को भी पूछताछ के लिए बुलाया है, जिसे हाल ही में नौकरी से निकाला गया था। उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है ताकि उससे अहम सबूत जुटाए जा सकें। पुलिस अब तक आठ से दस कर्मचारियों और तीन बच्चों के अभिभावकों से पूछताछ कर चुकी है।

सरकार का सख्त रुख

इस घटना पर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बच्चों के खिलाफ अपराध को लेकर सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति है और उन्होंने संबंधित विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। खड़गे ने जोर देकर कहा कि डेकेयर सेंटरों को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करना होगा और कर्मचारियों की नियुक्ति से पहले उनकी पृष्ठभूमि की जांच अनिवार्य की जानी चाहिए।

इनपुट: IANS

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