ACC Cement Q1 Results: बिक्री बढ़ी, मुनाफा सुधरा, लागत घटाने और क्षमता विस्तार पर कंपनी का जोर
अदाणी समूह की सीमेंट कंपनी एसीसी लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने इस दौरान 1 करोड़…
अदाणी समूह की सीमेंट कंपनी एसीसी लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने इस दौरान 1 करोड़ टन सीमेंट की बिक्री की और व्यापारिक बिक्री (trade sales) व प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती मांग के दम पर सकारात्मक नतीजे हासिल किए।
तिमाही के वित्तीय आंकड़ों पर नज़र डालें तो कंपनी का परिचालन से एकीकृत राजस्व 5,808 करोड़ रुपये रहा। इस अवधि में कंपनी ने 147 करोड़ रुपये का कर-पश्चात लाभ (PAT) कमाया। वहीं, कंपनी का EBITDA (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई) 457 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जिससे EBITDA मार्जिन 7.9% रहा।
बिक्री और भविष्य की रणनीति
एसीसी के मुताबिक, कुल बिक्री में ट्रेड सेल्स की हिस्सेदारी बढ़कर 81% हो गई है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 5% ज़्यादा है। इसी तरह, प्रीमियम उत्पादों की मांग भी बढ़ी है और ट्रेड सेल्स में इनकी हिस्सेदारी 44% तक पहुंच गई, जिसमें 3% की सालाना बढ़ोतरी हुई है।
एसीसी के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ विनोद बाहेती ने कहा कि कंपनी ने मूल्य-आधारित वृद्धि और बेहतर आय पर ध्यान केंद्रित रखा है। उन्होंने भविष्य को लेकर विश्वास जताते हुए कहा कि 'वन सीमेंट प्लेटफॉर्म', क्षमता विस्तार और समूह की डिजिटल पहलों से परिचालन में और सुधार आएगा, जिससे आने वाली तिमाहियों में प्रदर्शन बेहतर होने की उम्मीद है।
क्षमता विस्तार और विलय की स्थिति
कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी काम कर रही है। उत्तर प्रदेश के सलई बनवा स्थित 24 लाख टन सालाना क्षमता वाली ग्राइंडिंग यूनिट में ट्रायल रन शुरू हो चुका है। इसके अलावा, महाराष्ट्र के कलंबोली संयंत्र के विस्तार से सितंबर तिमाही तक 10 लाख टन की अतिरिक्त क्षमता जुड़ जाएगी।
समूह की दूसरी कंपनी अंबुजा सीमेंट्स के साथ प्रस्तावित विलय पर भी अपडेट दिया गया है। कंपनी को सेबी से 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' मिल गया है और एनसीएलटी में आवेदन दायर कर दिया गया है। जरूरी मंजूरियों के बाद इस वित्त वर्ष के भीतर यह प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।
लागत नियंत्रण और सस्टेनेबिलिटी
कंपनी ने बताया कि लागत नियंत्रण के प्रयासों से पहली तिमाही में लागत में मामूली कमी आई है। अदाणी सीमेंट का एकीकृत कारोबार वित्त वर्ष 2026-27 तक प्रति मीट्रिक टन करीब 250 रुपये की लागत कटौती का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसके साथ ही, कंपनी ने सस्टेनेबिलिटी की दिशा में भी प्रगति की है। परिचालन में ग्रीन पावर का उपयोग बढ़कर 31% हो गया है, जो एक साल पहले 26% था।
इनपुट: IANS



