शुक्रवार, 4 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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सिडनी में बर्ड फ्लू के ख़तरनाक H5N1 स्ट्रेन की दस्तक, समुद्री पक्षी में मिला पहला मामला

ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े शहर सिडनी में पहली बार बर्ड फ्लू के ख़तरनाक H5N1 स्ट्रेन का एक पुष्ट मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक…

सिडनी में बर्ड फ्लू के ख़तरनाक H5N1 स्ट्रेन की दस्तक, समुद्री पक्षी में मिला पहला मामला
(फोटो: IANS)

ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े शहर सिडनी में पहली बार बर्ड फ्लू के ख़तरनाक H5N1 स्ट्रेन का एक पुष्ट मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह वायरस सिडनी के नॉर्दर्न बीच इलाके में मिले एक समुद्री पक्षी 'ग्रेटर क्रेस्टेड टर्न' में पाया गया।

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न्यू साउथ वेल्स (NSW) की कृषि मंत्री तारा मोरियार्टी ने बुधवार को पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि इस पक्षी में H5N1 स्ट्रेन की पुष्टि अगस्त के अंत में हुई थी। यह जून में इस ख़तरनाक स्ट्रेन के ऑस्ट्रेलियाई मुख्य भूमि पर पहुंचने के बाद से सिडनी शहर में दर्ज किया गया पहला केस है।

प्रशासन ने जारी की चेतावनी

इस ख़तरे को देखते हुए, मंत्री ने सिडनी के निवासियों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिनके पास पालतू पक्षी या मुर्गियां हैं, वे उन्हें जंगली पक्षियों के संपर्क से बचाएं। इसके अलावा, कुत्तों के मालिकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके पालतू जानवर मरे हुए जानवरों को न खाएं या जंगली पक्षियों का पीछा न करें।

स्थानीय नॉर्दर्न बीचेस काउंसिल की मेयर, सू हीन्स ने इस मामले को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा, "यह शायद कई मामलों में से पहला होगा," और आगाह किया कि इस इलाके को उस ख़तरनाक स्ट्रेन के संभावित विनाशकारी असर के लिए तैयार रहना चाहिए, जिसने दुनिया भर में लाखों पक्षियों की जान ली है।

ऑस्ट्रेलिया में संक्रमण की स्थिति

संघीय सरकार के हालिया आंकड़ों के अनुसार, बुधवार तक पूरे ऑस्ट्रेलिया में बर्ड फ्लू के 468 पुष्ट मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 20 न्यू साउथ वेल्स राज्य में हैं। हालांकि, NSW सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में कमर्शियल पोल्ट्री फार्म, पिंजरों में बंद पक्षियों या मवेशियों में इस वायरस का कोई मामला नहीं मिला है।

H5N1 वायरस क्या है?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, H5N1 एवियन इन्फ्लूएंजा का एक प्रकार है जो पक्षियों में सांस की गंभीर और तेज़ी से फैलने वाली बीमारी का कारण बनता है। यह वायरस 1996 में पहली बार सामने आया था और 2020 के बाद से इसके एक नए वैरिएंट ने दुनियाभर में पक्षियों की बड़ी आबादी को प्रभावित किया है। यह इंसानों सहित अन्य स्तनधारी जीवों को भी संक्रमित कर सकता है, जिससे हल्के से लेकर जानलेवा लक्षण तक हो सकते हैं।

इनपुट: IANS

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