रियाद एयरपोर्ट पर जानलेवा हमला: सऊदी अरब और हूती समूह के बीच तनाव बढ़ा, 12 की मौत
सऊदी अरब और यमन के हूती समूह के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जिसका खमियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार को हुए एक…
सऊदी अरब और यमन के हूती समूह के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जिसका खमियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार को हुए एक हमले में 12 लोगों की मौत हो गई और 309 अन्य घायल हो गए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने रविवार को जारी एक बयान में इन आंकड़ों की पुष्टि की।
मारे गए लोगों में चार सऊदी नागरिक और आठ विदेशी शामिल थे। मृतकों में बांग्लादेश के दो, और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन व सूडान के एक-एक नागरिक की पहचान हुई है। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस घटना के बाद हवाई अड्डे का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है ताकि नुकसान का आकलन और सुरक्षा जांच पूरी की जा सके।
यमनी मोर्चे पर भीषण संघर्ष
यह हमला दोनों पक्षों के बीच चल रहे हमलों की ताजा कड़ी है। हूती समर्थित अल-मसीरा टीवी के मुताबिक, सऊदी अरब ने भी यमन के हूती-नियंत्रित इलाकों पर हवाई और मिसाइल हमलों की नई लहर शुरू कर दी है। इन हमलों में राजधानी सना के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास के क्षेत्रों को निशाना बनाया गया है।
इसके जवाब में यमन की सरकारी सेना ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में 1,150 से अधिक हूती लड़ाके या तो मारे गए या लड़ाई से बाहर हो गए। सेना के अनुसार, 1,900 से अधिक हमलों में 180 से ज्यादा सैन्य वाहनों को भी नष्ट किया गया है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
शांति की कोशिशों के बीच बढ़ा टकराव
हमले के बाद हूती समूह ने एक बयान में कहा कि वह हवाई अड्डों और बंदरगाहों जैसी मानवीय सुविधाओं को सैन्य टकराव से दूर रखने के लिए सऊदी अरब के साथ पारस्परिक कदम उठाने को तैयार है। गौरतलब है कि यमन 2014 के अंत से ही गृहयुद्ध की चपेट में है। 2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा में कमी आई थी, लेकिन हालिया घटनाएं संघर्ष के फिर से बढ़ने का संकेत दे रही हैं।
इनपुट: IANS



