कर्नाटक में सूखे का संकट: 101 तालुका सूखाग्रस्त घोषित, केंद्र से राहत की उम्मीद
कर्नाटक सरकार ने राज्य में सूखे की गंभीर स्थिति को स्वीकार करते हुए 101 तालुकाओं को सूखा-प्रभावित घोषित कर दिया है। सरकार इस संकट पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही केंद्र को सौंपेगी, ताकि राह…
कर्नाटक सरकार ने राज्य में सूखे की गंभीर स्थिति को स्वीकार करते हुए 101 तालुकाओं को सूखा-प्रभावित घोषित कर दिया है। सरकार इस संकट पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही केंद्र को सौंपेगी, ताकि राहत कार्यों के लिए सहायता मांगी जा सके। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह जानकारी राज्य के उपमुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने शुक्रवार को दी।
उपमुख्यमंत्री ने बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए बताया कि सूखे की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा, "15 दिनों के बाद स्थिति की फिर से समीक्षा की जाएगी, जिसके बाद और भी तालुकों को सूखा-प्रभावित घोषित किया जा सकता है।" परमेश्वर ने स्पष्ट किया कि राज्य द्वारा ज्ञापन सौंपे जाने के बाद केंद्रीय टीमें स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रदेश का दौरा करेंगी और उनके आकलन के आधार पर ही सूखा राहत राशि जारी की जाएगी।
केंद्र से कर्ज माफी की अपील
जी. परमेश्वर ने किसानों की मदद के लिए एक राष्ट्रव्यापी कृषि ऋण माफी का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा, "अगर केंद्र सरकार कर्ज माफी की घोषणा करती है, तो इस मुद्दे को व्यापक रूप से हल किया जा सकता है।" उन्होंने याद दिलाया कि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्से भी सूखे की चपेट में हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में माफ किए गए लगभग 72,000 करोड़ रुपये के कृषि ऋण का उदाहरण देते हुए कहा, "केंद्र का ऐसा ही फैसला देश के किसानों को लाभ पहुंचाएगा। मैं केंद्र सरकार से इस पर विचार करने का आग्रह करूंगा।"
अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे
इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने दो अन्य मामलों पर भी सरकार का पक्ष रखा। मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग पर उन्होंने कहा कि इसकी कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आदिवासी कल्याण मामले में दायर चार्जशीट में उनका नाम नहीं है। वहीं, नेपाल में बाढ़ के कारण फंसे कन्नड़ लोगों पर उन्होंने बताया कि नवीनतम जानकारी के अनुसार 12 लोग प्रभावित हैं और विवरण इकट्ठा कर तत्काल कार्रवाई के लिए अधिकारियों को काठमांडू भेजा जा रहा है।
इनपुट: IANS



